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छात्रों पर लाठीचार्ज की CBI जांच कराओ...वरना करेंगे भूख हड़ताल; पूर्व CM रघुवर दास का हेमंत सरकार को अल्टीमेटम

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों के आंदोलन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सरकार को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने जांच की सिफारिश नहीं होने पर भूख हड़ताल करने की चेतावनी दी और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।

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झारखंड के पूर्व सीएम रघुवर दास

रांची : रांची में छात्रों के प्रदर्शन पर राजनीती बढ़ती जा रही है। विधानसभा घेराव वाले दिन प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने है। बुधवार को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने चेतावनी दी कि अगर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) नीत सरकार ने राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफारिश एक सप्ताह के भीतर नहीं की तो वह भूख हड़ताल पर बैठेंगे। ’जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म्स मंच’ के बैनर तले झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर हजारों छात्र पिछले 19 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं।

ओडिशा के राज्यपाल भी रह चुके दास ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आंदोलनरत छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि राज्य सरकार एक सप्ताह के भीतर भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं करती है तो मैं यहां भूख हड़ताल पर बैठने के लिए मजबूर होऊंगा। भाजपा नेता ने झामुमो नीत सरकार पर राज्य के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि अगर सरकार पाक-साफ है और इसमें उसकी कोई भूमिका नहीं है, तो उसे अनियमितताओं की सीबीआई जांच की सिफारिश करनी चाहिए। अन्यथा झारखंड की जनता मानेगी कि इन अनियमितताओं में शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों की संलिप्तता है।

19 लोगों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की भी मांग

दास ने आरोप लगाया कि झामुमो नीत शासन में पिछले छह वर्षों के दौरान बड़े पैमाने पर भर्ती घोटाले हुए हैं। उन्होंने 2024 में आबकारी सिपाही भर्ती की शारीरिक परीक्षा के दौरान जान गंवाने वाले 19 लोगों के परिजनों को एक-एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की भी मांग की। वर्ष 2024 में भर्ती अभियान के तहत शारीरिक परीक्षा देते समय 15 से अधिक अभ्यर्थियों की मौत हुई थी।

भाजपा इन मौतों को लेकर हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधती रही है और इसको लेकर प्रशासन पर कुप्रबंधन और लापरवाही के आरोप लगाती रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि रांची जिला प्रशासन ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से छात्रों को जबरन हटाने का प्रयास किया, जहां वे भर्ती परीक्षाओं में ’’अनियमितताओं’’ के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि मैं प्रशासनिक अधिकारियों को आगाह करता हूं कि सत्ता आती-जाती रहती है, लेकिन आपको अपने करियर की चिंता करनी चाहिए। आपका करियर भारत सरकार और गृह मंत्रालय से जुड़ा है और आपको झारखंड में करदाताओं के पैसे से वेतन मिलता है। उन्होंने कहा, ’’मैं कल इन अधिकारियों द्वारा अपनाई गई दबाव की रणनीति की कड़ी निंदा करता हूं, जिसका उद्देश्य छात्रों का मनोबल तोड़ना और उन्हें प्रदर्शन समाप्त करने के लिए मजबूर करना था। दास ने कहा कि इस आंदोलन को राज्य के चार करोड़ लोगों का समर्थन हासिल है और सरकार को अहंकार नहीं करना चाहिए, क्योंकि जो लोग उसे सत्ता में लाते हैं, वे उसे सत्ता से हटा भी सकते हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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