बिहार के पूर्णिया जिले से सटे जोगबनी बॉर्डर इलाके में मुहर्रम जुलूस के दौरान पथराव की घटना सामने आने के बाद कुछ समय के लिए तनाव का माहौल बन गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन तुरंत हरकत में आया। दरअसल, अररिया में शुक्रवार को मुहर्रम के अवसर पर निकाले गए ताजिया जुलूस के दौरान अचानक हुए उपद्रव से अफरा-तफरी मच गई। चाणक्य चौक स्थित करबला मैदान में नेपाल के रानी (मटियरवा) क्षेत्र से पहुंचे ताजिया जुलूस के दौरान विवाद के बाद पथराव शुरू हो गया। इस घटना में करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए। वहीं, आसपास की कई दुकानों के शीशे भी टूटे।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करबला मैदान में जोगबनी के अलग-अलग इलाकों से पहुंचे ताजिया जुलूस पहले से मौजूद थे। इसी दौरान नेपाल की तरफ से आए एक जुलूस के दौरान किसी बात पर विवाद हो गया। कुछ ही देर में माहौल तनावपूर्ण हो गया और दोनों पक्षों के बीच पथराव शुरू हो गया। अचानक हुई इस घटना से मौके पर मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोग सुरक्षित जगहों की ओर भागने लगे, जिससे भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और कई लोगों के चोटिल होने की खबर है। वहीं, पथराव के कारण आसपास की कुछ दुकानों को भी नुकसान पहुंचा।
सूचना मिलते ही हरकत में आया प्रशासन
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं। जोगबनी के कार्यपालक पदाधिकारी मयंक कुमार, थानाध्यक्ष महादेव कामत और एसएसबी अधिकारी हरेंद्र सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और पुलिस व एसएसबी के जवानों ने तत्काल मोर्चा संभालकर भीड़ को नियंत्रित किया। बाद में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए, जिसके बाद हालात सामान्य किए गए। इस बीच उपद्रव में शामिल लोग मौके से चले गए।
संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
घटना के बाद भारत-नेपाल सीमा के पिलर संख्या 179/02 के पास स्थित करबला मैदान, चाणक्य चौक और आसपास के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस और एसएसबी के जवानों की अतिरिक्त तैनाती की गई है तथा पूरे क्षेत्र पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति दोबारा पैदा न हो।
