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जोधपुर से कंबोडिया तक साइबर फ्रॉड का जाल, फर्जी सिम से 1100 करोड़ की ठगी का खुलासा; 6 गिरफ्तार

जोधपुर पुलिस ने 1100 करोड़ रूपये के साइबर फ्रॉड का बड़ा खुलासा किया है। आरोप है कि मलेशियाई ठगों ने कंबोडिया में बैठकर भारत के लोगों से 1100 करोड़ की ठगी को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है और 4 कंबोडियाई नागरिकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लुकआउट सर्कुलर जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

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जोधपुर में अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा

Jodhpur News: जोधपुर में साइबर ठगी के एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग फर्जी सिम कार्ड के जरिए भारत में करीब 1100 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दे चुका है। गिरोह का संबंध मलेशिया और कंबोडिया से जुड़ा पाया गया है। पुलिस ने इस मामले में चार कंबोडियाई नागरिकों के खिलाफ केस दर्ज किया है और उनके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने की कार्रवाई शुरू की है।

कंबोडिया से भारत में ठगी का जाल

जोधपुर के पुलिस आयुक्त ओमप्रकाश पासवान ने बताया कि यह गिरोह जोधपुर से फर्जी तरीके से सिम कार्ड हासिल करता था। जिन्हें कंबोडिया में बैठे अपने साथियों को उपलब्ध कराता था। कंबोडिया से गैंग के सदस्य इन सिम कार्डों का इस्तेमाल कर भारत में लोगों से ऑनलाइन ठगी करते थे। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में भारत से करीब तीन लाख फर्जी सिम कार्ड खरीदे गए, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी में किया गया।

कैसे हुआ मामले का खुलासा

जोधपुर पुलिस ने अब तक 5378 सिम कार्डों की जांच की है, जिनके इस्तेमाल से 1100 करोड़ रुपये से अधिक की ऑनलाइल ठगी की गई। जिनमें से 210 सिम राजस्थान से खरीदी गई, जिनके इस्तेमाल से राज्य में ही लगभग 25 करोड़ रुपये की ठगी की गई। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब एक सिम कार्ड के जरिए तेलंगाना में 90 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया गया। जांच में पता चला कि यह सिम जोधपुर के मुराद अली के नाम पर खरीदी गई, जिसे प्रकाश भील ने फर्जीवाड़ा कर हासिल किया था। पुलिस ने जब उसे गिरफ्तार किया, तो मामले की अन्य कड़ियों का खुलासा हुआ और कुल 6 लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया।

ऐसे खरीदे जाते थे फर्जी सिम

पुलिस जांच में यह पता चला है कि सिम विक्रेता ग्राहकों को एक सिम देते थे और एक अतिरिक्त सिम खुद के पास सक्रिय करके रख लेते थे। ये सिम कार्ड राहुल कुमार झा (सांगरिया, जोधपुर) के जरिए मलेशिया के चार नागरिकों को उपबल्ध कराए जाते थे। जिनकी पहचान यू मिंग चिन, लो डाई खेन, ली जियान हुई और लिऑन्ग केन नेथ के रूप में हुई है। ये लोग कंबोडिया में इन सिमों का इस्तेमाल साइबर ठगी में थे। इन सिम कार्डों का कंबोडिया में बल्क रिचार्ज किया जाता था, जिसमें एक साथ 10-20 हजार सिम कार्ड रिचार्ज किए जाते थे। इस नेटवर्क में सिंगापुर की एक कंपनी और एक भारतीय नेटवर्क प्रोवाइडर की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।

गिरफ्तार किए गए आरोपी

  • हेमंत पंवार (40 वर्ष), नागौर - सिम डिस्ट्रीब्यूटर
  • रामावतार राठी (24 वर्ष), नागौर - सिम विक्रय एजेंट
  • हरीश मालाकार (34 वर्ष), किशनगढ़ - मोबाइल रिपेयरिंग
  • मोहम्मद शरीफ (22 वर्ष), जोधपुर - सहयोगी
  • संदीप भट्ट (27 वर्ष), - सहयोगी
  • प्रकाश भील (25 वर्ष), जोधपुर - सिम एजेंट
Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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