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JNUSU प्रदर्शन के दौरान बवाल, बैरिकेड टूटे, कई लोग घायल; 51 छात्र हिरासत में

जेएनयू में ‘लॉन्ग मार्च’ के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच झड़प के दौरान दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए। जिसके बाद पुलिस ने 51 छात्रों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने छात्रों पर हमला और बैरिकेड तोड़ने का आरोप लगाया है वहीं छात्रों ने पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप लगाया है।

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प्रोटेस्ट के बाद जेएनयू परिसर की तस्वीर

JNUSU Protest: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में गुरुवार को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ झड़प होने से माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान कई छात्र ओर पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ी, डंडे-बैनर व जूते फेंके और मारपीट भी की। जिसमें 25 पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात कही जा रही है। वहीं छात्रों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उन पर अत्यधिक बल प्रयोग किया। पुलिस ने झड़प के बाद 51 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

कैंपस से शिक्षा मंत्रालय तक 'लॉन्ग मार्च'

जेएनयू छात्रसंघ (JNUSU) ने कैंपस से शिक्षा मंत्रालय तक 'लॉन्ग मार्च' निकालने का आह्वान किया था। जब छात्र यूनिवर्सिटी के गेट बाहर निकल रहे थे, तभी पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। पुलिस के अनुसार, लगभग 400-500 छात्र जेएनयू परिसर में इकट्ठे हुए थे। वे शिक्षा मंत्रालय तक मार्च निकालने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन प्रशासन ने पहले ही उन्हें स्पष्ट कर दिया था कि परिसर के बाहर प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। दोपहर करीब 3:20 बजे छात्र मेन गेट से बाहर निकलने लगे, जहां उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेड लगाए थे।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, एक सीनियर पुलिसकर्मी ने बताया कि "जैसे-जैसे हालात बिगड़ने लगे, कैंपस के बाहर लगे बैरिकेड्स टूट गए। प्रदर्शनकारियों ने बैनर और डंडे फेंके, जूते फेंके और मारपीट की। हाथापाई के दौरान कुछ पुलिसवालों को दांत से काट लिया गया" पुलिस ने बताया कि इस घटना में मौके पर तैनात करीब 25 पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें एसीपी वेद प्रकाश, एसीपी संघमित्रा, एसएचओ अतुल त्यागी और एसएचओ अजय यादव शामिल हैं। पुलिस ने वसंत कुंज नॉर्थ थाने में छात्रों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं 221, 121(1), 132 और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है।

पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग का आरोप

पुलिस ने छात्रों को नॉर्थ गेट पर रोककर उन्हें वापस कैंपस के अंदर खदेड़ा। झड़प के बाद पुलिस ने JNUSU अध्यक्ष अदिति मिश्रा और पूर्व अध्यक्ष नितीश कुमार समेत कुल 51 प्रदर्शनकारियों को डिटेन किया। वहीं छात्रों और JNU टीचर्स एसोसिएशन (JNUTA) ने पुलिस पर 'अत्यधिक बल प्रयोग' का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस दौरान कई छात्र घायल हुए हैं और कुछ को अज्ञात स्थानों” पर ले जाया गया। JNUSU ने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान डॉ. भीमराव अंबेडकर की तस्वीर को भी नुकसान पहुंचाया गया। वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने बयान जारी कर कहा कि यूजीसी नियमों पर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगाई है और कुलपति या रजिस्ट्रार के पास इन नियमों को लागू करने का अधिकार नहीं है। प्रशासन ने यह भी कहा कि परिसर में तोड़फोड़ और हिंसा के आरोप में कुछ छात्रों को जांच के बाद निलंबित किया गया था।

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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