Land Fraud Case: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ कथित 8.86 एकड़ जमीन धोखाधड़ी मामले में रांची की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने बुधवार को आरोप तय किए। मुख्यमंत्री सोरेन के वकील संजीय सहाय ने बुधवार को यह जानकारी दी।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रांची के बरियातू इलाके में कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से जमीन खरीदने और ट्रांसफर करने के संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है।
CM सोरेन के खिलाफ आरोप तय
मुख्यमंत्री सोरेन के वकील संजीव सहाय ने कहा कि स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने मुख्यमंत्री के खिलाफ आरोप तय किए और अब मामले को ट्रायल के लिए भेज दिया गया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश हुए। कोर्ट ने मुख्यमंत्री सोरेन के खिलाफ लगाए गए आरोपों को पढ़कर सुनाया। जिसे उन्होंने निराधार बताया।
ट्रायल होगा शुरू
आरोप तय होने के बाद अब मामले में ट्रायल शुरू होगा। इस दौरान गवाहों के बयान दर्ज किए जाएंगे और मामले से जुड़े साक्ष्यों की जांच की जाएगी।
जज ने पढ़कर सुनाए आरोप
झारखंड दीवानी अदालत के एक अन्य वरिष्ठ वकील संजय कुमार ने कहा, ''अभियोजन पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों को जज ने पढ़कर सुनाया और मुख्यमंत्री ने उन्हें खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि आरोप निराधार हैं और वह इस मामले में निर्दोष हैं।''
कुमार ने कहा कि अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले ही आरोप तय किए जा चुके हैं, जबकि मुख्यमंत्री के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया लंबित थी, क्योंकि उन्होंने विभिन्न कानूनी आधारों का हवाला देते हुए हाई कोर्ट का रुख किया था।
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HC ने खारिज कर दी याचिका
उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने 17 सितंबर को सोरेन की वह याचिका खारिज कर दी जिसमें विशेष पीएमएलए अदालत में जमीन खरीद मामले में उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही पर रोक लगाने का अनुरोध किया गया था।
