Jharkhand ka Mausam: पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाओं ने पूरे झारखंड को अपने आगोश में ले लिया है। सोमवार यानी आज, 5 जनवरी 2026 को राज्य के बड़े हिस्से में शीतलहर (Jharkhand Cold Wave Alert) की स्थिति बनी हुई है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 10 जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया। कड़ाके की इस ठंड ने राजधानी रांची समेत कई इलाकों में ठिठुरन बढ़ा दी है।
लोहरदगा और गुमला में ठंड से कांपे लोग
झारखंड में ठंड का सबसे ज्यादा असर पश्चिमी और मध्य जिलों में दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, लोहरदगा सोमवार को राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 3.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके ठीक बाद गुमला में पारा 4.1 डिग्री और लातेहार में 5.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इन क्षेत्रों में सुबह के समय विजिबिलिटी भी कम रही और ओस की बूंदें बर्फ की महीन चादर जैसी नजर आईं।
क्यों अचानक गिरा पारा?
रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने इस बदलाव के पीछे के तकनीकी कारणों की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि क्षोभमंडल (Troposphere) के निचले स्तरों में लगातार उत्तर-पश्चिमी शुष्क और बर्फीली हवाएं चल रही हैं। इन्हीं हवाओं के प्रभाव के कारण पारे में यह भारी गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी रांची में भी ठंड ने अपने तेवर दिखाए हैं, जहां न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी कम है।
इन जिलों में जारी ठंड का कहर
तापमान में गिरावट का सिलसिला केवल दो-चार जिलों तक सीमित नहीं है। राज्य के अन्य प्रमुख जिले जहां पारा 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है, उनमें बोकारो, कोडरमा, हजारीबाग, खूंटी, सिमडेगा और पलामू शामिल हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले कुछ दिनों तक हवाओं की यही गति बनी रह सकती है, जिससे रात और सुबह के समय ठंड और अधिक बढ़ सकती है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को ठंड से बचाव के लिए जरूरी सावधानी बरतने और अलाव की व्यवस्था करने की सलाह दी है।
