Delhi News: दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) और सोनम वांगचुक के नेतृत्व वाले NEET मुद्दे से जुड़े छात्र आंदोलन को लेकर नया विवाद सामने आया है। हिंदू जनजागृति समिति (HJS) ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के मंच से सनातन धर्म और हिंदू देवी-देवताओं का अपमान किया गया तथा हेट स्पीच और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले बयान दिए गए।
एफआईआर दर्ज करने तथा प्रदर्शन को खत्म कराने की मांग
इन आरोपों के आधार पर समिति ने दिल्ली पुलिस को शिकायत पत्र सौंपते हुए कॉमेडियन कुणाल कामरा, अभिनेता प्रकाश राज और उमर खालिद के पिता सहित संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा प्रदर्शन को समाप्त कराने की मांग की है। समिति और सुप्रीम कोर्ट के कुछ वकीलों ने संसद मार्ग थाने के एसएचओ को यह शिकायत प्रत्यक्ष रूप से सौंपी है। गौरतलब है कि ये आरोप शिकायतकर्ताओं द्वारा लगाए गए हैं और इन पर संबंधित पक्षों या पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
क्या था कुणाल कामरा का बयान?
हिंदू जनजागृति समिति ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने मंच से यह कहते हुए, "ये सरकार सालों से सीता के पति (राम) का नाम लेकर नीता के पति (मुकेश अंबानी) का काम कर रही है," हिंदू आस्था का अपमान किया और करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत किया। समिति का यह भी दावा है कि कार्यक्रम के दौरान एक महिला ने "सब बुत (मूर्ति) उठवाए जाएंगे...बस नाम रहेगा अल्लाह का" गीत प्रस्तुत किया, जिसे समिति ने सनातन धर्म की मूर्तिपूजा के खिलाफ भड़काऊ और हिंसक संदेश बताया है।
एक्टर प्रकाश राज पर लगा क्या आरोप?
शिकायत में आगे आरोप लगाया गया है कि इस छात्र आंदोलन के मंच पर भारत सरकार द्वारा प्रतिबंधित संगठन सिमी के पूर्व सदस्य तथा दिल्ली दंगों के आरोपी उमर खालिद के पिता सैयद कासिम रसूल इलियास भी मौजूद थे। इसके अलावा, समिति ने अभिनेता प्रकाश राज पर आरोप लगाया है कि उन्होंने अपने संबोधन में युवाओं को भड़काने वाले बयान दिए और उन्हें व्यवस्था के खिलाफ विद्रोह के लिए उकसाया। इन सभी आरोपों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित पक्षों की ओर से इस संबंध में सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
इन धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग
हिंदू जनजागृति समिति के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी शिकायत में दावा किया कि यह आंदोलन छात्रों का नहीं, बल्कि वामपंथी और कट्टरपंथी इस्लामवादी तत्वों के देशविरोधी एजेंडे का हिस्सा है। प्रतिनिधिमंडल ने 'हेट स्पीच' से जुड़े मामलों में सर्वोच्च न्यायालय के फैसलों का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस से खुद संज्ञान लेकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। समिति और उनके साथ मौजूद वकीलों ने आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 299, 196, 152 और 353 के तहत एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। इसके अलावा, शिकायत में पूरे आंदोलन की फंडिंग और कथित तौर पर सिमी से जुड़े संबंधों की जांच करने तथा इस मामले की गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत भी जांच कराने की अपील केंद्रीय गृह मंत्री और दिल्ली पुलिस आयुक्त से की गई है। ये सभी आरोप और मांगें शिकायतकर्ताओं द्वारा उठाई गई हैं। इनके संबंध में संबंधित पक्षों या जांच एजेंसियों की ओर से आधिकारिक पुष्टि या निष्कर्ष सामने आना बाकी है।
