जयपुर

Rajasthan: डेढ़ सौ फीट गहरे बोरवेल में फंसी बच्ची, नौंवे दिन भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

राजस्थान के कोटपूतली जिले में 150 फीट गहरे बोरवेल में गिरी तीन साल की मासूम चेतना को बचाने के लिए चलाए जा रहे बचाव अभियान में नौवां दिन भी कोई खास सफलता नहीं मिली है। बचाव दल लगातार समानांतर सुरंग खोदने का काम कर रहा है, लेकिन अभी तक मासूम तक पहुंच पाना मुश्किल हो रहा है।

Image

सांकेतिक फोटो।

Photo : iStock

राजस्थान के कोटपूतली जिले के संरूड थाना क्षेत्र में गत सोमवार को 150 फुट गहरे बोरवेल में गिरी तीन वर्षीय चेतना को बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान मंगलवार को नौवें दिन भी जारी है। अधिकारियों के अनुसार, बचाव दल समानांतर सुरंग खोदने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। बता दें कि कोटपूतली जिले के सरुंड थाना क्षेत्र के कितरपुरा इलाके में भूपेंद्र चौधरी के खेत में उनकी तीन साल की बच्ची चेतना सोमवार 23 दिसंबर को बोरवेल में गिर गई थी। उसे सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास लगातार जारी है।

नौ दिनों से जारी रेस्क्यू ऑपरेशन

स्थानीय पुलिस, प्रशासन, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्‍य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें बच्ची को बोरवेल से बाहर निकालने का लगातार प्रयास कर रही है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की बचाव टीम को सोमवार को उम्मीद थी कि वे ऑपरेशन पूरा कर बच्ची तक पहुंच जाएंगे, लेकिन चट्टानी सतह ने ड्रिलिंग में टीम के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

ड्रिलिंग में आ रही दिक्कत

एनडीआरएफ टीम के प्रभारी योगेश मीणा ने मंगलवार को संवाददाताओं को बताया, "आठ फुट मिट्टी खोदना कोई बड़ी बात नहीं है। अगर पत्थर है तो हम विस्फोट नहीं कर सकते। कठोर चट्टान के कारण हमें ड्रिलिंग में दिक्कत आ रही है। जब से काम शुरू हुआ है, तब से एक मिनट के लिए भी काम बंद नहीं हुआ है।"

बच्ची को बाहर निकालने पर जोर

कोटपूतली-बहरोड़ जिला कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने सोमवार को बच्ची के परिवार से फिर मुलाकात कर बचाव अभियान में आ रही दिक्कतों के बारे में उन्हें बताया था। उन्होंने बताया कि बच्ची को बाहर निकालने के लिए हर स्तर पर काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है, लेकिन यह ऑपरेशन काफी जटिल है, इसलिए इसमें समय लग रहा है। यह शायद राज्य का सबसे लंबा बचाव अभियान है, जो 190 घंटे से अधिक समय से चल रहा है। इससे पहले परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।

इनपुटः भाषा

Devshanker Chovdhary
Devshanker Chovdhary author

<p>देवशंकर चौधरी मार्च 2024 से Timesnowhindi.com के साथ करियर को आगे बढ़ा रहे हैं और बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। टाइम्स नाउ सिटी टीम में वह इंफ्रा, डेवलपमेंट, पॉलिटिक्स और लोगों से जुड़ी स्टोरी करते हैं। हर स्टोरी में अलग एंगल निकालने पर फोकस रहता है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं।&nbsp;बीते वर्षों में टेलीविजन और डिजिटल मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं। इससे पहले इन्होंने दैनिक जागरण, यूनीवार्ता, एबीपी न्यूज और रोहतास पत्रिका में काम किया है। दैनिक जागरण में रियल टाइम डेस्क पर काम कर चुके हैं, जहां वर्ल्ड अफेयर्स और नेशनल बीट की खबरें करते थे। यूनीवार्ता में नेशनल और विदेश डेस्क पर काम कर चुके हैं। एबीपी न्यूज में डिजिटल टीम का हिस्सा रह चुके हैं। रोहतास पत्रिका में काम करने के दौरान कोविड काल में बिहार के कई जिलों में घूम-घूम कर काम करने का अनुभव है। ग्रेजुएशन के दौरान ही पत्रकारिता से जुड़ गए थे, जिस दौरान दैनिक अखबारों के साथ काम किया है। अकाउंटिंग एंड मैनेजमेंट ऑनर्स में स्नातक और जनसंचार में स्नातकोत्तर हैं।</p>

और पढ़ें
End of Article