Jaipur News: राज्य सरकार ने दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और पशुपालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए अहम फैसला लिया है। सोमवार को पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के दौरान यह घोषणा की गई कि अब दुग्ध उत्पादक संबल योजना की राशि पशुपालकों को हर महीने दी जाएगी।
पशुपालकों की होगी नियमित आमदनी
इस योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024–25 के लिए सरकार ने ₹500 करोड़ का संशोधित बजट रखा था, जिसमें से 468.32 करोड़ की राशि पहले ही जारी की जा चुकी है। जयपुर कोषागार में 12.27 करोड़ भुगतान के लिए लंबित हैं, जबकि बाकी 19.41 करोड़ ERP सॉफ्टवेयर में प्रविष्टि पूरी होने के बाद जल्द ही जारी किए जाएंगे। इस नई व्यवस्था से राज्य भर के दुग्ध उत्पादक पशुपालकों को नियमित आय तय होगी और सरकारी सहायता मिलने में किसी प्रकार की देरी नहीं होगी।
इस साल के लिए 650 करोड़ तय
वहीं साल 2025–26 के लिए सरकार ने 650 करोड़ का प्रावधान किया है, जिसमें से 164 करोड़ की स्वीकृति और 122.27 करोड़ के आदेश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। जनवरी से मार्च 2025 का भुगतान इसी सप्ताह किया जाएगा और अप्रैल से जून तक की राशि जुलाई के अंत तक प्रदान की जाएगी।
स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में होगी सप्लाई
पन्नाधाय बाल गोपाल योजना के तहत राज्य के 66,000 स्कूलों में मिड-डे मील के लिए मिल्क पाउडर की सप्लाई का ऑर्डर RCDF को दिया गया है। पहले चरण में 3,700 मीट्रिक टन पाउडर की आपूर्ति होगी जिससे 60 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। इसी प्रकार मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना के तहत 62,000 आंगनबाड़ी केंद्रों पर 10 लाख बच्चों के लिए 1,400 मीट्रिक टन पाउडर की आपूर्ति की जा रही है।
होंगी नई भर्तियां
राज्य में 504 विभिन्न पदों के लिए जुलाई के प्रथम पखवाड़े से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जैसलमेर, राजसमंद और बारां के नवगठित दुग्ध संघों के लिए 106 नए पद प्रस्तावित हैं, जबकि घाटे से उबर चुके 9 अन्य दुग्ध संघों में 390 पद भरने हेतु प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा जाएगा।
इसके अलावा जयपुर, सीकर, भरतपुर और टोंक की दुग्ध समितियों की 48 महिला सचिवों को गुजरात की बनास डेयरी में 4 से 6 जुलाई तक ट्रेनिंग दी जाएगी।
