Jaipur: राजधानी जयपुर में फिरौती को लेकर हुए एक कारोबारी के अपहरण के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। जिसमें घटना के मास्टरमाइंड समेत कुल 4 लोगों को अरेस्ट कर उनके कब्जे से 24 लाख नकद सहित दो देशी पिस्टल, एक कार व पुलिस की नकली वर्दी बरामद की है। पुलिस के मुताबिक, कारोबारी के अपहरण की घटना को उनके पुराने नौकर के बेटे ने ही अंजाम दिया था।
घटना राजधानी के शिप्रापथ थाना इलाके की है। जहां पर आरोपियों ने कारोबारी का अपहरण कर 2 करोड़ की फिरौती की मांग की थी। इसके बाद 50 लाख रुपए लेकर पीड़ित को छोड़ दिया था। डीसीपी योगेश गोयल के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि, अपहरण से पहले उन्होंने कारोबारी की रैकी की थी। इसके बाद वारदात को अंजाम दिया।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
डीसीपी साउथ योगेश गोयल के मुताबिक, 10 जनवरी को सुबह कारोबारी कार से अपने होटल जाने के लिए अग्रवाल फार्म इलाके में स्थित घर से रवाना हुआ था। उनका जयपुर के सिंधी कैंप इलाके में होटल है। इस दौरान मानसरोवर में बीआरटीएस रोड पर बदमाशों ने उनकी कार को रूकवा लिया इसके बाद उससे पूछताछ करने लगे और कार के दस्तावेज मांगे। इस दौरान सभी आरोपियों ने पुलिस की नकली वर्दी पहन रखी थी। आरोपियों ने हथियारों की नोक पर पीड़ित को जबरन अपनी कार में बैठा लिया और गन प्वाइंट पर उसका अपहरण कर शहर में घुमाते रहे। बाद में उसे मुहाना की ओर ले गए व मारपीट की।
2 करोड़ की फिरौती मांगी
डीसीपी साउथ योगेश गोयल के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि, कार में जमकर मारपीट करने के बाद कारोबारी पर दो करोड़ की फिरौती की रकम मंगवाने का दबाव बनाया। इसके बाद दोपहर में कारोबारी ने अपने रिश्तेदार को फोन किया तो महज 50 लाख की व्यवस्था ही हो पाई। दोपहर 3 बजे फिरौती की 50 लाख की रकम लेने के बाद बदमाशों ने पीड़ित को मुहाना में रोड पर छोड़ दिया व फरार हो गए। इससे पहले आरोपियों ने कारोबारी से कहा कि, किसी को बताया तो जान से मार देंगे।
पुराने नौकर के बेटे ने बनाई योजना
डीसीपी के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने का मास्टरमाइंड कारोबारी के पुराने नौकर का बेटा सुमन निकला। उसने ही पीड़ित के अपहरण की योजना बनाई थी। आरोपियों ने पुलिस की नकली वर्दी खरीदी। कई दिनों तक कारोबारी की रैकी की। इसके बाद मुख्य आरोपी ने अपने तीन दोस्तों मुनेश, महेश व नितेश को शामिल किया। घटना के बाद कारोबारी ने शिप्रापथ थाने में मामला दर्ज करवाया था। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले व आरोपियों की पहचान कर उन्हें दबोचा।
