जयपुर

Jaipur: खाटू श्याम में श्रद्धा पूरे परवान पर, अब तक इतने लाख भक्त पहुंचे बाबा के दर पर, ये है पूरी डिटेल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 28, 2023, 03:30 PM IST

Jaipur: खाटू श्याम मंदिर कमेटी के दावों के मुताबिक अब तक करीब 8 लाख भक्त बाबा के दर पर पहुंच चुके हैं। बता दें कि, 21 फरवरी को आरंभ हुआ बाबा का लक्खी मेला होली तक चलेगा। धुलंडी के दिन बाबा के संग फूलों, इत्र व अबीर से होली खेलने के बाद ही श्रद्धालु अपने घरों की ओर लौटेंगे व मेला संपन्न होगा। 3 मार्च को एकादशी पर बाबा के दर पर सबसे अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है।

Image

राजस्थान के प्रसिद्ध खाटूश्याम मंदिर में बाबा के दर्शनों की आस में इंतजार कर रहे श्रद्धालु

KEY HIGHLIGHTS
  • अब तक 8 लाख श्रद्धालु पहुंचे बाबा श्याम के दर पर
  • 3 मार्च को बाबा की एकादशी पर दो लाख भक्तों के पहुंचने का है अनुमान
  • धुलंडी पर बाबा संग खेलेंगे श्याम भक्त इत्र, फूलों व गुलाल से होली


Jaipur: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित देश- विदेश के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र खाटू श्यामजी में इस वक्त आस्था अपने पूरे परवान पर है। हर एक दिशा में कलयुग के अवतार हारे के सहारे बाबा श्याम के जयकारों से आसमान की फिजाएं सराबोर है।

कोई पैदल तो कोई पेट के बल बाबा के दरस की आस लिए खाटू श्याम मंदिर की ओर कूच कर रहा है। खाटू श्याम मंदिर कमेटी के दावों के मुताबिक, अब तक करीब 8 लाख भक्त बाबा के दर पर पहुंच चुके हैं। बता दें कि, 21 फरवरी को आरंभ हुआ बाबा का लक्खी मेला होली तक चलेगा। धुलंडी के दिन बाबा के संग फूलों, इत्र व अबीर से होली खेलने के बाद ही श्रद्धालु अपने घरों की ओर लौटेंगे व मेला संपन्न होगा। 3 मार्च को एकादशी पर बाबा के दर पर सबसे अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। सीकर जिला प्रशासन भी पूरा मुस्तैद है, सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

जिधर देखो उधर बाबा श्याम का नाम

बाबा श्याम का मेला अब पूरे परवान पर है, हर ओर भक्तों का रेला दिख रहा है। हाथों में श्याम का निशान थामे श्रद्धालु ढोल तासों की धुनों पर थिरकते खाटू नगरी की ओर बढ़ रहे हैं। वहीं आस्था के इस मंजर में श्रद्धा के तौर पर बाबा के मुरीद भंडारों में पद यात्रियों के लिए चिकित्सा व खाने- पीने की निशुल्क व्यवस्थाओं में जुटे हैं। बता दें कि, भक्तों के लिए बाबा श्याम का मेला किसी उत्सव से कम नहीं है। इस समय देश के कोलकाता, मुंबई, दिल्ली, जयपुर, बेंगलुरु, अहमदाबाद, असम, बिहार, पंजाब, हरियाणा सहित कई हिस्सों से आने वाले श्याम भक्तों को इस फाल्गुनी लक्खी मेले का बेसब्री से इंतजार रहता है। इस लिए प्रशासन कई माह पहले ही खाटू श्याम मंदिर आने वाले भक्तों के लिए तैयारियां शुरू कर देते है।

जाने मंदिर का पूरा इतिहास

यहां के लोग बताते हैं कि, बाबा श्याम का मंदिर 1027 ई. में रूपसिंह चौहान और उनकी पत्नी नर्मदा कंवर की ओर से बनवाया गया था। इसके बाद उस समय के तत्कालीन मारवाड़ के शासक के निर्देश पर 1720 ई. में मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया। मंदिर को उस समय आज का वर्तमान आकार दिया गया था और मूर्ति को गर्भगृह में स्थापित किया गया था। बताया जाता है कि, बाबा श्याम के इस मंदिर में बर्बरीक का शीश मूर्ति के रूप में विराजित है। शीश एक कुंड की खुदाई के समय निकला था, इस जगह पर मिट्टी के टीले पर एक गाय रोजाना आकर दूध देती थी। इसके बाद ग्रामीणों ने उस जगह को खुदवाया तो वहां पर बाबा का शीश निकला। कुंड आज भी यहां पर मौजूद है, जिसे श्याम कुंड के नाम से जाना जाता है। भक्त यहां पर स्नान करते हैं।
टाइम्स नाउ नवभारत
टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलauthor

अक्टूबर 2017 में डिजिटल न्यूज़ की दुनिया में कदम रखने वाला टाइम्स नाउ नवभारत अपनी एक अलग पहचान बना चुका है। अपने न्यूज चैनल टाइम्स नाउ नवभारत की सोच एवं नजरिए के साथ आगे बढ़ते हुए यह न्यूज़ प्लेटफॉर्म आम लोगों से जुड़े मुद्दों का गहराई से विश्लेषण एवं उसे आसान भाषा में पेश करता आया है। राजनीति से लेकर खेल, मनोरंजन, कारोबार और आम लोगों के जीवन पर असर डालने वालीं खबरों का मायने समझाते हुए यह डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों के भरोसे पर खरा उतरा है। \n\nसाथ ही यह अपने न्यूज़ चैनल पर दिखाए जाने वाली खबरों, शोज, स्पशेल कार्यक्रमों एवं रिपोर्टों को पेश करता है। चैनल के ये कार्यक्रम एवं शोज देश-दुनिया के घटनाक्रमों पर एक नया एवं विश्वसनीय नजरिया देते हैं। अपनी खबरों एवं विश्लेषण के चलते पसंदीदा न्यूज़ प्लेटफॉर्म बन चुका टाइम्स नाउ नवभारत, डिजिटल लोगों के भरोसे को लगातार मजबूत कर रहा है।

और पढ़ें
End of Article