Jaipur News: जयपुर विकास प्राधिकरण की लापरवाही से एक युवक की जान चली गई। सड़क पर 15 फीट का गड्ढा खोदकर छोड़ा गया था। यह गड्ढा एलिवेटिड रोड का पिलर डालने के लिए प्राधिकरण की ओर से खोदा गया है। सड़क से गुजर रहे एक युवक का पैर फिसल गया और उसकी गहरे पानी में डूबकर मौत हो गई। रविवार दोपहर युवक का शव गड्ढे से बरामद किया गया। यह प्रकरण जयपुर के झोटवाड़ा इलाके का बताया जा रहा है।
एसीपी (झोटवाड़ा) प्रमोद स्वामी ने बताया है कि गड्ढे में गिरकर मदन दास (40) पुत्र जगन्नाथ की जान चली गई है। वह जमुनापुरी के पास मुरलीपुरा का निवासी था। वह झोटवाड़ा इलाके में स्थित ट्राइटन मॉल से 200 मीटर दूरी पर स्थित एक शुगर मिल में काम किया करता था। शनिवार रात को फैक्ट्री से छुट्टी होने पर रोज की तरह वह पैदल-पैदल घर की ओर जा रहा था। ट्राइटन मॉल के पास से निकलते समय उसका पैर नीचे की ओर फिसल गया। वह रोड किनारे एलिवेटिड रोड के पिलर के लिए खोदे गए करीब 15 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरा। यह गड्ढा लगभग 20 फीट चौड़ा और 30 फीट तक लंबा है। गड्ढे के बाहर किसी भी प्रकार की बैरिकेडिंग नहीं की गई थी। दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण गड्ढे में पानी भरा है। उसी में डूबकर मदन नाम के युवक की मौत हो गई।
मोबाइल लोकेशन ट्रैक करने पर चला पता
एसीपी (झोटवाड़ा) प्रमोद स्वामी ने बताया है कि, रात को मदन दास घर नहीं पहुंचा। परिवार वालों की उस बात चिंता होने लगी। काफी इंतजार करने के बाद भी जब मदन दास घर नहीं लौटा तो उसकी खोज-खबर शुरू की गई। रिश्तेदार, परिचित और दोस्तों से उसके बारे में पता लगाया गया। कहीं भी उसकी सूचना नहीं मिल सकी। शनिवार देर रात में झोटवाड़ा थाने में मदन दास के लापता होने की पुलिस को सूचना दी गई। मदन दास की तलाश में निकली पुलिस की टीम ने मोबाइल लोकेशन ट्रैक की। मोबाइल लोकेशन ट्राइटन मॉल के पास की पाई गई।
पैर फिसलने से गड्ढे में गिर गया युवक
बता दें कि परिवार वालों से मिली जानकारी के बाद पुलिस को आशंका हो गई थी कि वह मॉल के पास गड्ढे में गिरा होगा। रविवार सुबह से ही लोगों की मदद से मोटर लगवाकर पानी निकालने की काम शुरू हुआ। गड्ढे में मदन दास का शव पाया गया। पुलिस ने गड्ढे से शव को निकालने के लिए सिविल डिफेंस की टीम को बुलाया। इसके बाद एफएसएल टीम की मदद से सबूत इकट्ठा किए गए। पुलिस ने एम्बुलेंस की मदद से शव को एसएमएस हॉस्पिटल भिजवाया। पुलिस की प्रथमदृष्टया जांच में सामने आया है कि फैक्ट्री से लौटते समय मदन दास का पैर फिसल गया होगा और गड्ढे में गिरने से उसकी मौत हो गई होगी।
तीन बच्चों को अनाथ छोड़ गया युवक
जानकारी के लिए बता दें कि मदन दास मूल रूप से जयपुर का ही रहने वाला था। वह शुगर मिल में संविदा पर नौकरी करता था। परिवार में पत्नी, दो लड़के और एक लड़की भी है। सभी बच्चे अभी पढ़ाई कर रहे हैं। मदन दास पर ही घर की पूरी जिम्मेदारी थी। आमतौर पर शाम 6 से 7 बजे तक वह घर आ जाया करता था। मदन दास की मौत के प्रकरण में परिजनों ने एलिवेटेड रोड बनाने वाली कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। बता दें कि जेडीए के एक्सईएन अजय राठौड़ ने बताया कि, हमारी ओर से गड्ढे के चारों तरफ बैरिकेडिंग की गई थी। उसके बाद भी वह शख्स इधर से निकला। बारिश अधिक होने से यहां पर पानी पूरी तरह भर गया था। हमने सभी सुरक्षा इंतजाम पहले से किए हुए हैं।
