जयपुर : पुलिस से लोगों की उम्मीद होती है कि वह उन्हें किसी भी तरह के अपराध से बचाएंगे। इसके अलावा वकीलों का काम न्याय दिलाना होता है। लेकिन जब पुलिस और वकील जुगलबंदी से आम लोगों को ही परेशान करने लगें और उनसे रिश्वत की मांग करें तो आम लोग किसके पास जाएं। इसका सीधा सा जवाब है एंटी-करप्शन यूनिट। जी हां, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो आपको न सिर्फ उनसे बचाएगा, बल्कि रिश्वतखोरों को जेल की सलाखों के पीछे भी डालेगा।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के एक दल ने बांसवाडा जिले के राज तालाब थाने के पुलिस इंस्पेक्टर और एक वकील को एक परिवादी से ढाई लाख रुपये रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक पुलिस रवि प्रकाश मेहरड़ा ने एक बयान में पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ए.सी.बी. बांसवाडा को शिकायत मिली कि परिवादी एवं उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ पुलिस थाना राजतालाब द्वारा सम्पत्ति कुर्की की कार्रवाई करते हुए उनके वाहन जब्त किए गए थे। बाकी बचे वाहनों और सम्पत्ति को जब्त नहीं करने व भविष्य में परेशान नहीं करने की एवज में पुलिस इंस्पेक्टर ने वकील शरीफ खान के जरिए साढ़े छह लाख रूपये की रिश्वत मांगी थी।
उन्होंने बताया कि बाद में साढ़े तीन लाख रुपये रिश्वत देने पर सहमति बनी और एक लाख रुपये सत्यापन के दौरान पुलिस थाना राजतालाब परिसर में पुलिस इंस्पेक्टर ने लिए।
अधिकारी ने बताया कि ब्यूरो के दल ने जाल बिछाकर आरोपी वकील शरीफ खान को पुलिस इंस्पेक्टर की ओर से बकाया ढाई लाख रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
मेहरड़ा ने बताया कि मामले में दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ की जा रही है।
- भाषा
