जयपुर

डॉ. विकास दिव्यकीर्ति हाजिर हों! कोर्ट ने 2 अगस्त को पेश होने का दिया आदेश; जानें क्या है मामला

अजमेर की अदालत ने डॉ. विकास दिव्यकीर्ति के वकीलों को 2 अगस्त को सशरीर कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया। जानिए मामला क्या है?

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डॉ. विकास दिव्यकीर्ति (फोटो-दृष्टि IAS)

भोपाल : देश के जाने माने शिक्षक व कोचिंग संस्थान के संचालक विकास डॉ. दिव्यकीर्ति की याचिका पर 22 जुलाई को हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी, जिसका कारण समयाभाव बताया गया। अब उनकी याचिका की सुनवाई अगले सप्ताह होने की संभावना है। मंगलवार को, विकास दिव्यकीर्ति को अजमेर की न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या 2 कोर्ट में पेश होना था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। उनके वकील ने कोर्ट में हाजिरी माफी अर्जी लगाई, जबकि परिवादी के वकील ने गिरफ्तारी वारंट जारी करने की प्रार्थना की। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुना और विकास दिव्यकीर्ति के वकीलों को 2 अगस्त को सशरीर कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया।

दैनिक जानगरण की खबर के मुताबिक, यह मामला तब शुरू हुआ जब विकास दिव्यकीर्ति ने एक वीडियो में IAS वर्सेस जज-कौन ज्यादा ताकतवर" शीर्षक से टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने IAS को अधिक शक्तिशाली बताया था। इस पर वकील कमलेश मंडोलिया ने शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद अजमेर के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामला दर्ज किया और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया। न्यायाधीश ने 40 पेज के आदेश में मंडोलिया की ओर से पेश किए गए मानहानि केस को आंशिक रूप से स्वीकार किया और दिव्यकीर्ति को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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