जयपुर

सिकुड़ रही गुलाबी शहर की पहली 8 लेन सड़क, अतिक्रमण से जाम का झाम

जयपुर में 10 साल पहले जगतपुरा रोड को 8 लेन का किया गया था। यह गुलाबी शहर की पहली 8 लेन सड़क थी। लेकिन आज यह सड़क अतिक्रमण के चलते सिकुड़ती जा रही है। आज के दौर में इसकी दोनों तरफ एक-एक लेन पर अवैध अतिक्रमण के चलते यहां जाम की स्थिति बनी रहती है।

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जयपुर की पहली 8 लेन सड़क पर अतिक्रमण से सड़क सिकुड़ी (फोटो - AI Image)

गुलाबी शहर जयपुर की खूबसूरती देखने के लिए दुनियाभर से लोग आते हैं। लेकिन यह शहर भी सड़क पर अतिक्रमण की मार झेल रहा है। शहर की पहली 8 लेन सड़क जगतपुरा रोड अस्थायी अतिक्रमण के कारण सिकड़ने लगी है। 10 साल पहले बनी यह सड़क 200 फीट चौड़ी है।

फ्लाईओवर के बाद 7 नंबर चौराहे से लेकर गोनेर मोड़ तक कई जगह अवैध वेंडिंग जोन बन गए हैं। इस सड़क के मुख्य चौराहों में बालाजी मोड़ से रामचंद्रपुरा तक सर्विस लेन पर भी अतिक्रमण हो रहा है, जिससे ट्रैफिक प्रभावित हो रहा है। जगतपुरा रोड कई महत्वपूर्ण इलाकों जैसे टोंक रोड, गोनेर, प्रहलादपुरा, एयरपोर्ट, प्रतापनगर, सांगानेर और सीतापुरा इंडस्ट्रियल एरिया से जुड़ी है।

यहां के ट्रैफिक लोड को देखते हुए जगतपुरा फ्लाईओवर तक सड़क को 8 लेन चौड़ा किया गया था, जहां रोजाना पीक आवर्स में लगभग 80 हजार से 1 लाख वाहन गुजरते हैं। 7 नंबर चौराहे से गोनेर मोड़ तक स्लिप लेन पर सैकड़ों थड़ी-ठेले लगे हुए हैं, जो मुख्य कैरेज-वे पर भी अतिक्रमण कर रहे हैं।

सर्विस लेन पर अतिक्रमण के कारण गाड़ियां यू-टर्न नहीं ले पाती हैं, जिससे मुख्य चौराहों पर जाम की स्थिति बनी रहती है। जगतपुरा रोड नॉन-वेंडिंग जोन है, लेकिन इसके बावजूद अवैध ठेले और दुकानें लगी रहती हैं। वीआईपी मूवमेंट के दौरान जेडीए और निगम द्वारा अतिक्रमण हटाए जाते हैं, लेकिन वे फिर से बन जाते हैं।

दोनों तरफ एक-एक लेन पर अस्थायी दुकानें होने के कारण ट्रैफिक सिर्फ छह लेन में ही चल पाता है, जिससे पीक आवर्स में जाम की समस्या गंभीर हो जाती है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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