जयपुर

Jaipur: पृथ्वीराज चौहान के पूर्वजों की राजधानी था सांभर, प्रकृति का अनमोल सौंदर्य है यहां, जरूर विजिट करें

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 8, 2023, 11:24 PM IST

Best Places to Visit Near Jaipur 2023:जयपुर से करीब 80 किमी की दूरी पर मौजूद सांभर कभी पृथ्वीराज चौहान के पूर्वजों की राजधानी था। यहां पर खारे पानी की झील है। सांभर की फीणी भी काफी प्रसिद्ध है। यहां झील में कई तरह के पक्षियों की अठखेलियां पर्यटकों को आकर्षित करती है।

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जयपुर के निकट है बेहद खूबसूरत टूरिस्ट स्पॉट सांभर (फाइल फोटो)

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • कभी पृथ्वीराज चौहान के पूर्वजों की राजधानी रहा है सांभर
  • खारे पानी की झील है सांभर
  • मां शाकंभरी देवी के प्राचीन शक्तिपीठ का है ऐतिहासिक महत्व

Best Places to Visit Near Jaipur 2023: राजस्थान की राजधनी जयपुर में कई बेहतरीन पर्यटक स्थल हैं, जहां देश - विदेश से पर्यटक घूमने आते हैं। लेकिन आपको जयपुर के पास स्थित कुछ ऐसे ऑफबीट स्थलों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां आप विंटर वैकेशन के अपने प्लान में शामिल कर यहां के प्राकृतिक नजारों व इतिहास के बारे में जान सकते हैं।

तो चलिए जानते हैं कि, जयपुर के नजदीक ऑफबीट पर्यटन स्थल सांभर के बारे में। जयपुर से करीब 80 किमी की दूरी पर मौजूद है सांभर। यहां आने के लिए नजदीकी हवाई अड्डा जयपुर है।

महाभारत काल से नाता रहा है

सांभर झील का इतिहास सैकड़ों वर्ष पुराना माना जाता है। पुराणों में उल्लेख है कि, महाभारत काल में असुरों के गुरु शुक्राचार्य यहां निवास करते थे। उन्होंने यहीं पर अपनी पुत्री देवयानी का विवाह राजा ययाती संग किया था। राजा ययाति की दोनों रानियों देवयानी और शर्मिष्ठा के नाम पर एक विशाल सरोवर व कुंड आज भी यहां मौजूद है, जो इस क्षेत्र के प्रमुख तीर्थ स्थलों के रूप में विख्यात है। इसके अलावा खुदाई के दौरान यहां पर पूरा कस्बा निकला था। इसके अलावा कई प्राचीन मूर्तियां, मिट्टी के बर्तन व अन्य वस्तुएं निकली थी। जिनमें से कई चीजें जयपुर के अल्बर्ट म्यूजियम में रखी हुई हैं।

पृथ्वीराज चौहान के पूर्वजों की रियाया थी

सांभर का ऐतिहासिक महत्व मां शाकंभरी देवी के प्राचीन शक्तिपीठ के तौर पर भी है, जो कि चौहान वंश की कुल देवी थी। मां शाकंभरी यूपी के सहारनपुर में थी। यहां के राजाओं को वहां आने- जाने में बहुत समय लगता था। यही वजह थी कि, बाद में यहां के शासकों ने मंदिर यहीं बनवा दिया। जो आज भी मौजूद है। सांभर कई सदियों तक चौहानों की राजधानी रही इसके बाद अजयराज चौहान ने विक्रम संवत 1170 में सांभर की जगह अजमेर को अपनी राजधानी बनाया।

खारे पानी की झील है सांभर

बता दें कि, सांभर खारे पानी की झील है। इसकी कुल लंबाई 22.5 वर्ग किमी है। यहां बनने वाला नमक हल्का गुलाबी होता है। जिसकी पूरी दुनिया में डिमांड रहती है। झील में आपको फ्लेमिंगो के अलावा कई विदेशी पक्षी देखने को मिलेंगे। इसके अलावा यहां पर प्रसिद्ध सांभर फीणी व दाल बाटी चूरमा मिर्ची के टिपोरों का स्वाद चखने को मिलेगा।
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