Jabalpur News: मध्य प्रदेश की जबलपुर पुलिस और साइबर सेल की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। मैट्रिमोनियल साइट्स और सोशल मीडिया के जरिए युवतियों को अपनी झूठी पहचान बताकर प्रेम जाल में फंसाने, उनके साथ दुष्कर्म करने और फिर न्यूड वीडियो के दम पर ब्लैकमेल करने वाले एक शातिर अपराधी को बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया है। रविवार को मध्य प्रदेश पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर बेंगलुरु से जबलपुर लेकर पहुंची, जहां कोर्ट में पेश करने के बाद उसे आगे की कड़ाई से पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी के पास से कई फर्जी पहचान पत्र और बरामद हुए हैं, जिनमें उसके अलग-अलग नाम दर्ज हैं।
फर्जी आईडी से करता था दोस्ती
जबलपुर के नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) आशीष जैन ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी मूल रूप से बिहार के आरा का रहने वाला है, जिसने अपनी पहचान ओमप्रकाश गुप्ता के रूप में बताई है, हालांकि उसकी असली पहचान को लेकर अभी जांच जारी है। यह शातिर अपराधी खुद को कभी 'दिव्यांशु राज', कभी 'आदित्य' तो कभी 'पंकज सिंह' बताकर लड़कियों को जाल में फंसाता था। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब जबलपुर की एक युवती ने 20 मार्च 2026 को महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि एक मैट्रिमोनियल साइट पर उसकी पहचान एक युवक से हुई थी, जिसने खुद को 'आदित्य सिंह' और एक बड़ा बिजनेसमैन बताया था। बातचीत के दौरान आरोपी ने युवती को शादी का पूरा भरोसा दिला दिया।
होटलों में दुष्कर्म और फिर न्यूड वीडियो से ब्लैकमेलिंग
पीड़िता के मुताबिक, 14 मार्च को आरोपी जबलपुर आया और उसने युवती को एक होटल में बुलाया। वहां उसने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद अगले दिन वह युवती को तिलवारा स्थित एक होटल में ले गया और तीसरे दिन भी वे एक अन्य होटल में मिले। तीन दिन तक लगातार भरोसा जीतने के बाद आरोपी वापस चला गया। लगभग एक सप्ताह बाद आरोपी ने युवती को वॉट्सएप कॉल किया और धमकी दी कि उसके पास युवती के न्यूड फोटो और वीडियो हैं। उसने इन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर मोटी रकम की मांग की। बदनामी के डर से घबराई युवती ने शुरुआत में पुलिस को पूरी बात नहीं बताई थी, लेकिन 28 मई को उसने दोबारा महिला थाने पहुंचकर खुलासा किया कि आरोपी ने शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया था और वह पहले से शादीशुदा भी है।
टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें- बंगाल में 1.43 करोड़ परिवारों को मिलेगा आयुष्मान भारत का लाभ; HPV टीकाकरण भी शुरू
पुलिस को भी दिया धोखा
जांच में यह भी सामने आया कि इससे पहले सिहोरा स्टेशन के पास पीड़िता के भाई और रेलवे पुलिसकर्मियों ने आरोपी को ट्रेन में पकड़कर कटनी स्टेशन पर उतारा था। तब महिला थाना पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर आरोपी को नोटिस देकर छोड़ दिया था। लेकिन बाद में पता चला कि उसने पुलिस को जो मोबाइल नंबर और [पहचान पत्र ओमिटेड] दिया था, वे पूरी तरह फर्जी थे। जब पुलिस को उसकी असलियत का पता चला, तो साइबर सेल की मदद से उसकी लोकेशन ट्रैकिंग की गई, जो बेंगलुरु में मिली। पुलिस ने बेंगलुरु में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
चैट हिस्ट्री खंगाल रही पुलिस, कई राज्यों में भेजी फोटो
सीएसपी आशीष जैन के अनुसार, आरोपी पूर्व में जबलपुर के गोराबाजार और गढ़ा थाना इलाके के देवताल क्षेत्र में भी रह चुका है। पुलिस को अंदेशा है कि उसने मध्य प्रदेश के अलावा कई अन्य राज्यों में भी लड़कियों को इसी तरह अपनी हवस और ठगी का शिकार बनाया है। इस आशंका के चलते पुलिस ने आरोपी ओमप्रकाश के मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट्स की पूरी चैट हिस्ट्री खंगालना शुरू कर दिया है। साथ ही, देश और प्रदेश के अन्य थानों में उसकी तस्वीरें भेजी गई हैं ताकि उसके पुराने क्रिमिनल रिकॉर्ड और अन्य वारदातों का पता लगाया जा सके।
