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Jabalpur News: सहकारी बैंक में भर्ती घोटाले का पर्दाफाश, 27 भर्तियां निरस्त; पांच अधिकारी सस्पेंड

मध्य प्रदेश के जबलपुर में सहकारी बैंक में भर्ती घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए पांच अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं, 27 भर्तियां निरस्त कर दी गई है।

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फाइल फोटो।

Photo : Times Now Digital

Jabalpur News: जबलपुर के जिला सहकारी बैंक में हुई भर्ती प्रक्रिया में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। इस फर्जीवाड़े के उजागर होने के बाद जबलपुर के कलेक्टर दीपक सक्सेना ने कुछ अधिकारियों के निलंबन को लेकर उनके संबंधित विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है। जांच में पता चला है कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में सहायक समिति प्रबंधक और समिति प्रबंधक के पद पर भर्ती निकाली गई थी, जिसमें नियमों को ताक पर रखकर यह भर्ती की गई थी।

गलत तरीके से हुई थी भर्ती

जांच में यह भी पता चला है की भर्ती के समय गलत तरीके से आरक्षण प्रक्रिया अपनाई गई थी। यही नहीं अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए संबंधित विभागों के उच्च अधिकारियों से अनुमति लिए बिना ही भर्ती का विज्ञापन जारी कर लोगों को सेट कर दिया गया। इस पूरी गड़बड़ी को देखते हुए जबलपुर कलेक्टर ने पूरी भर्ती प्रक्रिया को ही निरस्त कर दिया है।

पांच अधिकारी हुए सस्पेंड

वहीं, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करते हुए पांच अफसरों को तत्काल सस्पेंड भी कर दिया है, तो बाकी लोगों को शोकॉज नोटिस जारी किए गए हैं। जबलपुर के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में हुए भर्ती घोटाले में जिन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है उनमें सहकारिता विभाग के सहकारी निरीक्षक आशीष शुक्ला, वरिष्ठ सहकारी निरीक्षक प्रशांत कौरव, संभागीय संयुक्त आयुक्त सहकारिता पीके सिद्धार्थ, जबलपुर के सहकारिता विभाग के स्थापना प्रभारी सुभाष पचौरी के अलावा तत्कालीन जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी देवेंद्र कुमार राय शामिल हैं।

विभागीय जांच के आदेश जारी

कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना ने सभी पांचों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दे दिए हैं। इस पूरे मामले में सहकारिता विभाग के तत्कालीन उपायुक्त अखिलेश निगम वर्तमान उपायुक्त चंद्रशेखर पटले की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं लिहाजा इन अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही का प्रस्ताव सहकारिता विभाग के भोपाल कार्यालय को भेजा गया है।

Makarand Kale
मकरंद कालेauthor

सुखदुःखे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ।\nततो युद्धाय युज्यस्व नैवं पापमवाप्स्यसि\n\nसाल 2008 में by chance journalist बना। 2013 से by choice journalist हूं। कहते हैं ना कि अच्छे काम में पहले बहुत परेशानियां आती हैं। और बाद में उसी की आदत पड़ जाती है।

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