Hyderabad Chennai Bullet Train News: हैदराबाद और चेन्नई के बीच प्रस्तावित 778 किमी लंबी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर ने एक अहम पड़ाव पार कर लिया है। दक्षिण मध्य रेलवे (South Central Railway) ने इस परियोजना का अंतिम अलाइनमेंट तमिलनाडु सरकार को औपचारिक रूप से भेज दिया है, जिसे विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) में शामिल किया जाएगा।
DPR की दिशा में बड़ा कदम
अंतिम अलाइनमेंट भेजे जाने के बाद अब गेंद तमिलनाडु सरकार के पाले में है। राज्य सरकार की मंजूरी मिलते ही हाईस्पीड कॉरिडोर की DPR लगभग एक महीने के भीतर तैयार कर ली जाने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों ने सर्वे और बाकी तकनीकी प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करने के लिए जल्द सैंक्शन का आग्रह किया है।
तिरुपति को मिला बड़ा फायदा
दि न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक तमिलनाडु सरकार के आग्रह पर इस हाईस्पीड रूट में अहम बदलाव किया गया है। पहले प्रस्तावित रूट गुडूर के पास से गुजरने वाला था, लेकिन अब अलाइनमेंट को संशोधित कर तिरुपति को सीधे जोड़ने का फैसला हुआ है, जिससे धार्मिक और पर्यटन नजर से भी इस शहर को बड़ा फायदा पहुंचेगा। इसके अलावा इस प्रोजेक्ट से जो बड़ा फायदा मिलेगा, वो यह है कि फिलहाल हैदराबाद-चेन्नई रेल यात्रा में लगभग 12 घंटे तक का समय लग जाता है। हाईस्पीड कॉरिडोर के शुरू होने के बाद यह यात्रा घटकर लगभग 2 घंटे 20 मिनट के आसपास रह जाएगी, जिससे दोनों महानगरों के बीच व्यावसायिक, पर्यटन और आईटी संपर्क में जबरदस्त बढ़ोतरी की उम्मीद है।
चेन्नई में दो हाईस्पीड स्टेशन
तमिलनाडु खंड में कुल दो हाईस्पीड स्टेशनों की योजना है। एक स्टेशन चेन्नई सेंट्रल के पास प्रस्तावित है, जबकि दूसरा स्टेशन चेन्नई रिंग रोड के निकट मिन्जूर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जहां आसपास लगभग 50-50 एकड़ जमीन पर ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) के तहत वाणिज्यिक और मल्टी-मॉडल हब विकसित करने की योजना है।
भूमि अधिग्रहण और तकनीकी चुनौतियां
तमिलनाडु हिस्से की लंबाई लगभग 61 किमी मानी गई है, जिसके लिए करीब 223 हेक्टेयर गैर-वन भूमि की जरूरत का आकलन किया गया है। इस हिस्से में करीब 11.6 किमी लंबी सुरंग भी शामिल है, साथ ही 60 से अधिक सड़कों और कई उच्च वोल्टेज विद्युत लाइनों को क्रॉस करने की इंजीनियरिंग चुनौतियां अलग से सामने आएंगी।
राष्ट्रीय हाईस्पीड रेल नेटवर्क में अहम कड़ी
हैदराबाद-चेन्नई हाईस्पीड कॉरिडोर को दक्षिण भारत में बुलेट ट्रेन नेटवर्क की धुरी माना जा रहा है। यह परियोजना भविष्य में हैदराबाद–बेंगलुरु और अन्य प्रस्तावित हाईस्पीड रूट के साथ मिलकर एक बड़ा कॉरिडोर बनाएगी, जो तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों के उभरते आर्थिक केंद्रों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगी।
