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आसनसोल में कोयला खदान में बड़ा विस्फोट, एक की मौत, 40 घायल; कैसे हुआ ब्लास्ट

पश्चिम बंगाल के आसनसोल में गुरुवार को एक खदान में हुए धमाके में 40 से अधिक मजदूर घायल हो गए और एक की मौत हो गई। सभी को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है और घायलों को अस्पताल ले जाया जा रहा है।

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आसनसोल में खदान में हुआ भीषण विस्फोट

पश्चिम बंगाल में बृहस्पतिवार को आसनसोल स्थित ’ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड’ (ईसीएल) की एक कोयला खदान में ’एयर ब्लास्ट’ के बाद भूमिगत खदान की दीवार का एक हिस्सा ढह जाने से एक मजदूर की मौत हो गई और कम से कम 15 अन्य घायल हो गए। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी के अनुसार, यह हादसा सुबह करीब 10 बज कर 30 मिनट पर ईसीएल के कुनुस्तोरिया क्षेत्र स्थित परासिया कोयला खदान में हुआ। घटना के समय कई खनिक अंदर काम कर रहे थे।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि खदान के सेक्शन-27 में ’एयर ब्लास्ट’ हुआ, जिसके कारण कई मजदूर फंस गए और घायल हो गए। खदान में एयर ब्लास्ट का मतलब भूमिगत खदान के भीतर हवा या गैस के दबाव के अचानक बाहर निकलने से पैदा होने वाला तेज बहाव है। अधिकारी ने कहा, "विस्फोट के प्रभाव से खदान के अंदर काम कर रहे मजदूर अलग-अलग दिशाओं में जा गिरे। घटना के तुरंत बाद बचाव अभियान शुरू कर दिया गया।

अधिकारी के मुताबिक, घायलों को रानीगंज स्थित बांसरा अस्पताल और आसनसोल स्थित कल्ला अस्पताल सहित ईसीएल द्वारा संचालित अस्पतालों में भर्ती कराया गया। वहीं, देबायन मुंडा नामक एक श्रमिक को मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि घायल श्रमिकों में कई संविदा मजदूर हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना के बाद कई श्रमिक संगठनों ने सुरक्षा उपायों में चूक का आरोप लगाते हुए अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। ईसीएल के अधिकारियों ने अभी तक इस संबंध में कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।

ECL की एक कोयला खदान में एक भयानक घटना हुआ है, जिसमें 40 से ज़्यादा खदान मज़दूर घायल हो गए हैं। एक मज़दूर की मौत की भी खबरें आई हैं, हालांकि खदान अधिकारियों या पुलिस किसी ने भी इस मामले पर अभी तक कोई बयान नहीं दिया है। बताया गया है कि कुनुस्तोरिया इलाके में स्थित पराशिया कोलियरी की भूमिगत खदान में पहली शिफ्ट के दौरान, मज़दूर खदान के अंदर के सेक्शन 27 में कोयला काटने का काम कर रहे थे। अचानक ब्लास्ट से मजदूर तितर बितर हुए। इस घटना के अचानक होने से कोयला मज़दूर सकते में आ गए।

हादसे का क्या है कारण?

खनन विशेषज्ञों का कहना है कि खदान में बड़ी मात्रा में कोयले की धूल जमा हो जाती है। यह खदान के अंदर हवा में उड़ने लगती है। जैसे-जैसे कोयले की धूल या हवा का स्तर बढ़ता है, खदान के अंदर कोयले की धूल गैस और हवा के संपर्क में आती है, जिससे विस्फोट हो जाता है। विभिन्न खदानों में इस धूल को बाहर निकालने के लिए पंखे लगाए गए हैं। इस मामले में, यह ज्ञात नहीं है कि धूल बाहर निकली या नहीं। इसके अलावा, खनिक संघों ने खदान में जमा धूल की मात्रा, गैस के उचित निकास और नियमित जांच के बारे में भी सवाल उठाए हैं। ईसीएल के किसी भी अधिकारी ने अभी तक इस मामले पर कोई टिप्पणी नहीं की है। सूत्रों का कहना है कि ईसीएल ने इस मामले में विभागीय जांच शुरू कर दी है।

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Pooja Mehta
पूजा मेहता author

पूजा मेहता एक वरिष्ठ टेलीविज़न पत्रकार हैं, जिन्हें रिपोर्टिंग का लगभग 15 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने राजनीति, आतंकवाद, आंतरिक संघर्ष, रक्षा, पर्यावर... और देखें

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