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FNG का इंतजार छोड़ें, अब गाजियाबाद से नोएडा, सोनीपत, पलवल, बागपत के बीच बनेगी नई रेल लाइन!

दिल्ली-एनसीआर के तमाम बड़े शहर सड़क मार्ग से तो जुड़े हुए हैं। यहां ट्रैफिक की बे-रोक-टोक मूवमेंट के लिए ईस्टर्न पेरिफरल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और द्वारका एक्सप्रेसवे की बड़ी भूमिका निभाता है। अब गाजियाबाद, नोएडा, सोनीपत, पलवल और बागपत को जोड़ते हुए रेल लाइन बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।

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नई रेल लाइन बिछाने पर हो रहा विचार

Photo : Twitter

EORC: गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद के लोगों को बड़े लंबे समय से FNG यानी फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद हाईवे के बनने का इंतजार है। नोएडा में इस हाईवे पर काफी कुछ काम हो भी चुका है, लेकिन फरीदाबाद में अभी तक जमीन अधिग्रहण का काम भी पूरा नहीं हुआ है। FNG जब बनेगा, तब बनेगा, अब तो EORC की बात चल निकली है। चलिए जानते हैं क्या है यह यह EORC और अगर यह बन जाता है तो कैसे गाजियाबाद, नोएडा, सोनीपत, पलवल, बागपत और आसपास के इलाकों के लोगों को फायदा होगा।

ईस्टर्न ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर यानी EORC की फिजिब्लिटी चेक करने के लिए हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (HRIDC) एक स्टडी करेगा। इसमें देखा जाएगा कि क्या EORC को बनाया जा सकता है? क्या इस ट्रेन रूट के बन जाने से स्थानीय लोगों को सहूलियत होगी?

बता दें कि 135 किमी लंबे EORC की कल्पना की गई है, जो ईस्टर्न पेरिफरल एक्सप्रेसवे (Eastern Peripheral Expressway) के किनारे-किनारे चलेगा। यह रेल रूट हरियाणा में पलवल को सोनीपत और उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद, नोएडा और बागपत को जोड़ेगा। अधिकारियों ने गुरुवार 11 जुलाई को ही इस संबंध में जानकारी दी है।

90 किमी रेल रूट यूपी में

माना जा रहा है कि इस रेल कॉरिडोर का 90 किमी हिस्सा उत्तर प्रदेश में बनेगा और बाकी का 45 किमी हिस्सा हरियाणा में बनाया जाएगा। अगर फिजिब्लिटी रिपोर्ट में इसको बनाने की रजामंदी मिलती है तो ईस्टर पेरिफरल एक्सप्रेसवे पर सड़क मार्ग के साथ ही लोग दिल्ली के आसपास के इन शहरों के बीच ट्रेन से आसान सफर कर पाएंगे। फिजिब्लिटी स्टडी का काम उत्तर प्रदेश सरकार ने ही सौंपा है।

27 किमी लंबी ये रेल लाइन भी बनेगी!

गुरुवार 11 जुलाई को ही HRIDC बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता HRIDC के चेयरमैन और मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने की। कॉर्पोरेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश अग्रवाल का कहना है कि नरवाना और अकलाना के बीच 27 किमी लंबी रेल लाइन और कुरुक्षेत्र तक करीब 10 किमी लंबी एक नई कॉर्ड लाइन के निर्माण के लिए फिजिब्लिटी स्टडी चल रही है।

IGI से जुड़ेगा झज्जर!

इसके अलावा रेलवे बोर्ड ने करनाल-यमुनानगर नई रेल लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दे दी है। HRIDC, रेलवे मंत्रालय से जल्द से जल्द इस लाइन को अप्रूव कराना चाहता है। इसके अलावा रेलवे बोर्ड ने फारुखनगर-झज्जर नई रेल लाइन के फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी दे दी है। इस रेल लाइन के बन जाने से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और हरियाणा के हिसार में बन रहे महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट के बीच रेल कनेक्टिविटी तैयार होगी।
Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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