EORC: गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद के लोगों को बड़े लंबे समय से FNG यानी फरीदाबाद-नोएडा-गाजियाबाद हाईवे के बनने का इंतजार है। नोएडा में इस हाईवे पर काफी कुछ काम हो भी चुका है, लेकिन फरीदाबाद में अभी तक जमीन अधिग्रहण का काम भी पूरा नहीं हुआ है। FNG जब बनेगा, तब बनेगा, अब तो EORC की बात चल निकली है। चलिए जानते हैं क्या है यह यह EORC और अगर यह बन जाता है तो कैसे गाजियाबाद, नोएडा, सोनीपत, पलवल, बागपत और आसपास के इलाकों के लोगों को फायदा होगा।
ईस्टर्न ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर यानी EORC की फिजिब्लिटी चेक करने के लिए हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (HRIDC) एक स्टडी करेगा। इसमें देखा जाएगा कि क्या EORC को बनाया जा सकता है? क्या इस ट्रेन रूट के बन जाने से स्थानीय लोगों को सहूलियत होगी?
बता दें कि 135 किमी लंबे EORC की कल्पना की गई है, जो ईस्टर्न पेरिफरल एक्सप्रेसवे (Eastern Peripheral Expressway) के किनारे-किनारे चलेगा। यह रेल रूट हरियाणा में पलवल को सोनीपत और उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद, नोएडा और बागपत को जोड़ेगा। अधिकारियों ने गुरुवार 11 जुलाई को ही इस संबंध में जानकारी दी है।
