How Can Easily Reach Ram Mandir: अयोध्या में राम मंदिर सजकर लगभग तैयार है। अमृत भारत और वंदे भारत ट्रेनों की सौगात के बाद अब श्रद्धालुओं का आना भी शुरू हो जाएगा। देश और दुनिया लाखों-करोड़ों अयोध्या में अपने आराध्य प्रभु श्रीराम के दर्शन करने के लिए आना चाहते हैं। अगर आप भी ट्रेन से अयोध्या आने वाले हैं और मंदिर का रास्ता नहीं पता है परेशान न हों। क्योंकि आपकी समस्या का समाधान हमारी इस खबर में है। दरअसल, अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन से राममंदिर के लिए बहुत से साधन उपलब्ध हैं। अयोध्या धाम जंक्शन से राम मंदिर की दूरी महज एक किलोमीटर ही है। स्टेशन के बाहर से ही आपको ई-रिक्शा, टेंपो, इलेक्ट्रिक बस और अन्य लग्जरी वाहन आसानी से मिल जाएंगे। हालांकि अगर आपको पब्लिक व्हीकल से नहीं जाना तो आप कैब भी बुक कर सकते हैं जो कि, ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से मिल जाएगी।
अयोध्या धाम जंक्शन से ऐसे पहुंचे
बता दें कि, जब आप अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन पहुंचेंगे तो आपको ज्यादा दूर तक नहीं जाना है बल्कि ई-रिक्शा, टेंपो या रिक्शे से आपको मात्र एक किमी तक आना है। राममंदिर आने के लिए स्टेशन के पास रामपथ स्थित टेढ़ी बाजार होकरआवागमन का मुख्य मार्ग है। यहां से आपको 10 रुपये किराया देना होगा और आप आसानी से पहुंचेंगे। हालांकि आपको ट्रैवल एजेंसी और अन्य लग्जरी वाहनों की भी सुविधा मिलेगी जिनका किराया ज्यादा होगा। राममंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को रामपथ पर इलेक्ट्रिक बस भी मिल जाएगी जो कि, मंदिर के सामने से ही गुजरेगी।
अयोध्या धाम में ये भी साधन
अयोध्या में राममंदिर के अलावा भी अगर आप घूमना चाहते हैं तो यहां आपको लिए टैक्सी, बस, टेम्पो, रिक्शा सहित परिवहन के कई साधन मिल जाएंगे। हालांकि ज्यादातर लोग यहां पर ऑटो और ई-रिक्शा से घूमना पसंद करते हैं।
22 जनवरी को उमड़ेगा जनसैलाब
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के मुताबिक, 16 जनवरी से ही प्राण प्रतिष्ठा के लिए आवश्यक अनुष्ठानों का शुभारंभ हो जाएगा। 17 जनवरी को रामलला के विग्रह के साथ कलश यात्रा होगी और उसके बाद 18 जनवरी को मंडप प्रवेश पूजन होगा। प्रवेश पूजन के साथ ही वास्तु पूजन, गणपति पूजन और जलाधिवास होगा। फिर अलग-अलग दिनों में पवित्र नदियों के जल से शुद्धिकरण, अन्नाधिवास, शैयाधिवास होगा। 22 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गर्भगृह में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा करेंगे। इस दिन अयोध्या में जनसैलाब उमड़ने की उम्मीद है।
