Mandi Road Accident: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सेराज विधानसभा क्षेत्र में आज सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे ने इलाके को शोक में डुबो दिया। जहां एक ओर शिवरात्रि महोत्सव की खुशियां मनाई जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर इस दुर्घटना ने माहौल को गमगीन कर दिया है। रविवार तड़के करीब चार बजे बुनालीधार के पास एक जीप अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरी। वाहन में चार युवक सवार थे, जो आपस में मित्र थे और घर से साथ निकले थे। इस हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जंजैहली के एसएचओ रामकृष्ण के अनुसार, रविवार तड़के चारों युवक बिना परिजनों को बताए वाहन लेकर घर से निकल गए थे। घर से कुछ ही दूरी पर लंबाथाच-कलहणी मार्ग पर बुनालीधार के समीप उनकी गाड़ी अचानक नियंत्रण से बाहर होकर लगभग 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे। वहां दो युवक वाहन से बाहर गिरे हुए मिले, जबकि दो अंदर फंसे थे। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए सभी को बाहर निकाला और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने दो युवकों को मृत घोषित कर दिया, जबकि तीसरे ने भी कुछ समय बाद दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गई।
घर से इतनी दूरी पर हुआ हादसा
एसएचओ जंजैहली के अनुसार यह हादसा युवकों के घर से लगभग 24 किलोमीटर दूर हुआ। दुर्घटनाग्रस्त वाहन बगस्याड निवासी योगराज का बताया जा रहा है। इस भीषण दुर्घटना में हार्दिक ठाकुर समेत अन्य दो युवकों- सुनील कुमार और ईशान ठाकुर की जान चली गई। वहीं, इस हादसे में खुशाल सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया है। उसकी हालत को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए नेरचौक मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
स्थानीय लोगों ने क्या बताया?
स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस को जानकारी दी कि रविवार तड़के करीब चार बजे जब अधिकांश लोग अपने घरों में सो रहे थे, तभी अचानक किसी वाहन के गहरी खाई में गिरने की तेज आवाज सुनाई दी। हादसे के नजदीक स्थित एक घर की महिला की नींद खुल गई और उसने तुरंत अपने जीजा को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही बगलियारा गांव के कई लोग घने जंगल की ओर घटनास्थल पर पहुंच गए।
लोगों ने किया रेस्क्यू
बताया गया कि, वहां पहुंचकर उन्होंने देखा कि एक जीप खाई में गिरी हुई है और उसके नीचे बाहर की ओर दो शव पड़े हैं। इसके बाद ग्रामीणों ने पहले दोनों घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने की योजना बनाई। कड़ाके की ठंड और अंधेरे के बीच मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में उन्होंने घायलों को ऊपर सड़क तक पहुंचाया और अपनी निजी गाड़ी से नागरिक अस्पताल बगस्याड ले गए।
(इनपुट - भाषा)
