Himachal Pradesh Disaster Hit: हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण हो रहे व्यापक नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को विधानसभा सत्र के दौरान राज्य को आपदा प्रभावित घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि इस भयावह आपदा से प्रदेश गंभीर संकट में है और वर्तमान में उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता प्रभावित लोगों का पुनर्वास है।
विपक्ष से सहयोग की अपील
मुख्यमंत्री ने विपक्ष से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए वे केंद्र सरकार के समक्ष एकजुट होकर हिमाचल की आवाज उठाने को तैयार हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल एक भौगोलिक संकट नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय चिंता का विषय है, क्योंकि ग्लोबल वार्मिंग का सबसे तीव्र असर पहाड़ी राज्यों पर पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से अंधाधुंध निर्माण कार्यों पर रोक लगाने की मांग की और कहा कि पहाड़ केवल पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि जीवन सुरक्षा के स्तंभ हैं।
भाजपा पर साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में विपक्ष को राजनीति छोड़कर जनता के दुःख में भागीदार बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष को शांता कुमार जैसे वरिष्ठ नेताओं से सीख लेकर प्रदेश हित में सार्थक भूमिका निभानी चाहिए। आपदा से हुए नुकसान का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि सैकड़ों घर, पशुधन और खेत-खलिहान बर्बाद हो गए हैं।
राहत और पुनर्वास के लिए हरसंभव प्रयास
राज्य सरकार राहत और पुनर्वास के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी प्रभावित क्षेत्रों का पैदल निरीक्षण कर रहे हैं। आवश्यक संसाधनों को तत्काल मुहैया करवाया जा रहा है और जरूरत पड़ने पर एयरफोर्स के हेलीकॉप्टरों की मदद ली जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए वायुसेना के दो विमान भी तैनात किए गए हैं। मौसम अनुकूल होते ही राहत और बचाव कार्यों में और तेजी लाई जाएगी।
