Himachal Pradesh Weather: हिमाचल प्रदेश के अटल टनल और आसपास के ऊंचे दर्रों में लगातार बर्फबारी दर्ज की जा रही है। पर्यटकों और आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सोलंग बैरियर से आगे वाहनों की आवाजाही को फिलहाल अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, सोमवार को राज्य के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। 17 मार्च को मौसम साफ रहने की उम्मीद है। हालांकि 18 और 19 मार्च को फिर से भारी बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। विभाग के मुताबिक इस अवधि में राज्य के कई हिस्सों में हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
बर्फबारी होने से लोगों में उत्साह
बर्फबारी होने से पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों में उत्साह बढ़ गया है। उनका मानना है कि छुट्टियों के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बढ़ती गर्मी के चलते यहां पर्यटकों की संख्या में इजाफा हो सकता है। वहीं दूसरी ओर, व्यावसायिक रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है, जिसे लेकर स्थानीय कारोबारियों में चिंता देखी जा रही है। मौसम विभाग ने यह भी अनुमान जताया है कि 21 मार्च तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में हल्की बारिश और हिमपात का सिलसिला जारी रह सकता है।
इन इलाकों में जारी हुआ येलो अलर्ट
इसके अलावा, मौसम विभाग ने किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर राज्य के 12 में से 10 जिलों के लिए गरज-चमक के साथ हल्की बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना को देखते हुए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। साथ ही, उत्तर-पश्चिम भारत में 17 मार्च की रात से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के संकेत भी दिए गए हैं, जिसके प्रभाव से मौसम में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।
क्या है मौसम विभाग का पूर्वानुमान?
वहीं मौसम विभाग के पूर्वानुमान की बात करें तो, हिमाचल प्रदेश में 15 से 21 मार्च के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर हल्की बारिश और हिमपात होने की संभावना है। 15 और 19 मार्च को राज्य के कुछ इलाकों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली, ओलावृष्टि और 40–50 किमी प्रति घंटे (झोंकों के साथ 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा 16 और 18 मार्च को भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। ऐसे में लोगों को, खासतौर से यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
