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हिमाचल में मानसून का तांडव... रौद्र रूप में नदियां, जनजीवन बेहाल; आज भी भारी बारिश का रेड अलर्ट

हिमाचल प्रदेश में मानसून पूरी तरह से एक्टिव है और भारी बारिश कहर बरपा रही है। जिसके चलते नदियां रौद्र रूप में बह रही हैं। पेड़ गिरने, बाढ़ और भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। 129 सड़के बंद होने से यातायात प्रभावित है। 612 ट्रांसफार्मर भी ठप पडे़ हैं। प्रदेश में आज भी 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिनमें से चार जिलों में रेड अलर्ट जारी है।

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हिमाचल में कहर ढा रही भारी बारिश

Himachal Pradesh Rain Alert: हिमाचल प्रदेश में मौसम तबाही मचा रहा है। भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। प्रदेश में भूस्खलन और बाढ़ जैसी घटनाएं सामने आ रही है। आज भी हिमाचल में बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। मौसम विभाग ने चार जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। आज किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर पूरे प्रदेश में बारिश का अलर्ट है।

हिमाचल में आज किन जिलों में बारिश का अलर्ट

आईएमडी के अनुसार आज कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों भारी से बहुत भारी बारिश होने का रेड अलर्ट है। वहीं ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और शिमला में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। इस दौरान तूफान चलने के साथ बिजली गिरने की भी संभावना है। इसके अलावा चंबा और कुल्लू में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने रविवार शाम को जारी संशोधित चेतावनी में कहा, ‘‘सोमवार शाम तक कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है, ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और शिमला जिलों में अलग-अलग स्थानों पर तथा कुल्लू और चंबा जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है।’’

शिमला-कालका रेल लाइन पर सेवा प्रभावित

शिमला मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार को हिमाचल प्रदेश के 10 जिलों में भारी बारिश का “रेड अलर्ट” जारी किया, वहीं शिमला-कालका रेल लाइन पर सेवाएं रात भर हुई बारिश के बाद पटरियों पर गिरे मलबे और पेड़ों को हटाए जाने तक घंटों तक स्थगित रहीं। पिछले 24 घंटों में बारिश से संबंधित घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही राज्य में मानसून की शुरुआत से मरने वालों की संख्या 20 हो गई। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) ने बताया कि ऊना और बिलासपुर जिलों में एक-एक व्यक्ति डूब गया, जबकि शिमला जिले में ऊंचाई से गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई।

NH-5 के क्षतिग्रस्त होने से यातायात प्रभावित

शिमला और चंडीगढ़ को जोड़ने वाले शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-5) पर कोटी के निकट भूस्खलन से सड़क के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके कारण यातायात प्रभावित हुआ। सोलन के पुलिस अधीक्षक (एसपी) गौरव सिंह ने रविवार को कहा कि भूस्खलन के कारण क्षतिग्रस्त हुए एनएच 5 पर चक्की मोड़ के पास यातायात बहाल कर दिया गया है और पुलिस दल यातायात की आवाजाही में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जंगेशु मार्ग पर भी मलबा गिरने से वैकल्पिक रास्ता बंद है, जिसे साफ किया जा रहा है। रास्ता साफ होने पर, कसौली से चंडीगढ़ की ओर जाने वाले यातायात को जंगेशु के रास्ते भेजा जाएगा।

मानसून आपदा में अब तक 550 की मौत

हिमाचल प्रदेश के 12 जिलों में से 10 जिलों- बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर, ऊना, कुल्लू और चंबा के लिए 29 जून को भारी बारिश का ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया। मौसम विभाग ने भूस्खलन, जलभराव, कमजोर ढांचों को नुकसान, यातायात जाम और आवश्यक सेवाओं में व्यवधान की चेतावनी दी। साल 2023 में भारी बारिश के कारण राज्य में भारी नुकसान हुआ था, जब मौसम विभाग ने जुलाई और अगस्त के महीनों में ‘रेड अलर्ट’ जारी किया था। हिमाचल प्रदेश में अब तक की सबसे भीषण मानसून आपदा में 550 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।

शिमला-कालका यूनेस्को विश्व धरोहर रेल मार्ग पर कोटी क्षेत्र के पास पटरियों पर चट्टानें और पेड़ गिर गए, जिससे ट्रेन सेवाएं अवरूद्ध हो गईं। मरम्मत का कार्य जारी है। सुबह आने वाली पहली ट्रेन कोटी स्टेशन पर फंस गई, जबकि अन्य ट्रेन गुम्मान और कालका स्टेशनों पर रोकी गईं।

घंटों इंतजार करते और अपना गुस्सा जाहिर करते यात्रियों के वीडियो भी ऑनलाइन सामने आ रहे हैं। कोटी ही नहीं बल्कि शिमला तक जगह-जगह पत्थर, पेड़ और मलबा गिरा है।

बालद नदी का दिख रहा रौद्र रूप

सोलन के बड़ोटीवाला औद्योगिक क्षेत्र में ट्रक यूनियन के पास स्थित हिमुडा कॉम्प्लेक्स को जोड़ने वाले मार्ग पर एक पुल बह गया है, जिससे मंधाला और बग्गूवाला की ओर जाने वाली सड़क पर यातायात रुक गया है। बद्दी क्षेत्र की बालद नदी उफान पर है और झड़माजरी के पास रौद्र रूप में बह रही है, जिससे आसपास के इलाकों में नुकसान की आशंका बढ़ गई है। झड़माजरी की शिवालिक नगर कॉलोनी में करीब 20 घरों में चार फुट तक पानी भर गया है। यहां हर साल बारिश में जलभराव की समस्या सामने आती है।

व्यास नदी का जलस्तर बढ़ा

मंडी की जुनी खड्ड और व्यास नदी का जलस्तर भी भारी बारिश के चलते बढ़ गया है। प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे न जाने और सतर्क रहने की अपील की है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के अधिकारियों ने बताया कि ब्यास नदी में लगभग 44,000 क्यूसेक पानी बह रहा है और गाद स्तर 4,000 पीपीएम तक पहुंच गया है, जिसके चलते बग्गी सुरंग बंद कर दी गई है और देहर पावर हाउस में बिजली उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

बारिश के कारण 129 सड़कें बंद

बारिश के कारण राज्य में 129 सड़कें बंद हो गई हैं, जबकि 612 ट्रांसफार्मर खराब हो गए हैं। सड़कों को सबसे ज्यादा नुकसान सिरमौर और मंडी जिलों में हुआ है, जहां क्रमश: 57 और 44 सड़कें अवरुद्ध हैं। शनिवार शाम से जोगिंदरनगर में 135 मिमी, कसौली में 125 मिमी, हाहू में 119.5 मिमी, पांवटा साहिब में 116.8 मिमी, बिजाही में 102 मिमी, सुंदरनगर में 96 मिमी, शिमला में 91 मिमी, कुफरी में 89 मिमी और सोलन में 85.6 मिमी बारिश दर्ज की गई।

हिमाचल में कब तक जारी रहेगी बारिश?

स्थानीय मौसम कार्यालय ने सोमवार को राज्य के कुछ हिस्सों के लिए ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है और पांच जुलाई तक बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। इसके अलावा, बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सोलन, सिरमौर और ऊना जिलों के हिस्सों में बाढ़ की चेतावनी दी गई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में 20 जून को मानसून की शुरुआत के बाद से बारिश संबंधी घटनाओं में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि चार लोग लापता हैं।

(इनपुट - भाषा)

Pooja Kumari
पूजा कुमारीauthor

पूजा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज़्म में पीजी डिप्लोमा कर चुकी पूजा को टीवी मीडिया में भी काम करने का अनुभव है। शहरी मुद्दों की गहरी समझ के कारण पूजा लोकल न्यूज, मेट्रो व रेल अपडेट्स, रोड और इंफ्रास्ट्रक्चर, लोकल डेवलपमेंट, मौसम, क्राइम, स्थानीय राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। शहरों की नब्ज पहचानने और स्थानीय संवेदनशीलताओं को खबरों में प्रभावी ढंग से पिरोने की क्षमता उनकी राइटिंग स्किल को विशेष बनाती है। पूजा अब तक 3,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट्स लिख चुकी हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण लोकल अपडेट्स, विश्लेषणात्मक स्टोरीज और रिपोर्ताज शामिल हैं।

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