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हिमाचल में भारी बारिश, कांगड़ा, सिरमौर, चंबा, शिमला, कुल्लू, किन्नौर में 24 घंटे तक खतरा

Himachal Pradesh Weather: हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश से खतरा बढ़ गया है। कई जगह भूस्खलन की घटनाएं हुईं और पेड़ उखड़ गए। अगले 24 घंटे राज्य के लिए भारी साबित हो सकते हैं।

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हिमाचल में भारी बारिश

Himachal Pradesh Weather: पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का दौर जारी है। बुधवार को कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश होने के कारण भूस्खलन की घटनाएं हुईं और पेड़ उखड़ गए। स्थानीय मौसम कार्यालय ने बुधवार और शनिवार के लिए अलग-अलग स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश, गरज के साथ बारिश को लेकर 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में कांगड़ा, सिरमौर, चंबा, शिमला, कुल्लू, किन्नौर, सोलन और मंडी जिलों के अलग-अलग हिस्सों में हल्के से मध्यम स्तर की बाढ़ का खतरा होने की चेतावनी भी दी है।

इन जिलों में हुई इतनी बारिश

विभाग ने बताया कि मंगलवार शाम से सबसे अधिक बारिश सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में 116.6 मिलीमीटर दर्ज की गई। वहीं, धौलाकुआं में 76.5 मिमी, करसोग में 64.2 मिमी, नाहन में 56.1 मिमी, नारकंडा में 44.5 मिमी, कटुला में 44.3 मिमी, घरमूर में 42.8 मिमी और शिमला में 27.8 मिमी बारिश हुई।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने कहा कि राज्य के कुछ हिस्सों में भूस्खलन के कारण 53 सड़कें बंद हो गईं और 63 जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं। मौसम विभाग ने कुछ स्थानों पर भूस्खलन हो सकने और अचानक बाढ़ आने की भी चेतावनी दी है। विभाग ने तेज हवाओं और निचले इलाकों में जलभराव के कारण बागानों, खड़ी फसलों और कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका जताई है।

अधिकारियों ने बताया कि 27 जून से छह अगस्त के बीच बारिश से संबंधित घटनाओं में 93 लोगों की मौत हो गई और राज्य को 748 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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