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महाराष्ट्र में भारी बारिश से हाहाकार! मुंबई-पुणे में सड़क-रेल-हवाई सेवाएं प्रभावित, पालघर में 57 को किया गया रेस्क्यू

मुंबई और पुणे समेत महाराष्ट्र के कई हिस्सों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बाढ़, भूस्खलन और जलभराव की घटनाओं में कई लोगों की जान गई, जबकि सड़क, रेल और हवाई यातायात भी गंभीर रूप से बाधित हुआ। इस बीच, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की मिसिंग लिंक परियोजना की सुरक्षा और निर्माण गुणवत्ता को लेकर राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है।

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मुंबई से पालघर तक मूसलाधार बारिश का तांडव

Maharashtra Heavy Rain: मुंबई-पुणे क्षेत्र में सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। बारिश का कारण हुए हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दोनों प्रमुख शहरों को जोड़ने वाले एक्सप्रेसवे समेत रेल यातायात नेटवर्क पर इसका व्यापक असर पड़ा। महानगर और उसके आसपास के इलाकों में हुई इस भारी बारिश के कारण सड़कें नदियों में तब्दील हो गईं और भारी संख्या में पेड़ उखड़ गए।

इसके साथ ही, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर हाल ही में शुरू हुए मिसिंग लिंक खंड की मजबूती की भी पहली ही बारिश में पोल खुल गई और एक्सप्रेसवे पर वाहनों की रफ्तार थम गई। अधिकारियों ने बताया कि पुणे जिले की मावल तहसील के पाटन गांव में भूस्खलन के कारण एक घर के मलबे में दब जाने से दो लोगों की मौत हो गई। वहीं पुणे की खेड़ तहसील में बाढ़ की चपेट में आने से एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। महाराष्ट्र के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि पिछले तीन से चार दिनों में बारिश से जुड़ी घटनाओं में 13 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं मंगलवार को भी सभी सरकारी, प्राइवेट, सिविक स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।

मुंबई, ठाणे और रायगढ़ के लिए रेड अलर्ट

अधिकारियों ने बताया कि ठाणे शहर में उखड़े हुए एक विशाल पेड़ को हटाने के दौरान एक दमकलकर्मी घायल हो गया, जबकि अलग-अलग घटनाओं में एक बड़ा होर्डिंग और दो दीवारें गिर गईं। उन्होंने बताया कि पड़ोसी जिले पालघर में भी तेज हवाओं के कारण एक आवासीय स्कूल के टिन शेड उड़ गए और पेड़ उखड़ गए, हालांकि संस्थान के सभी 350 छात्र सुरक्षित हैं। इसी के साथ IMD ने मुंबई और पड़ोसी ठाणे तथा रायगढ़ जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जिसमें तेज हवाओं के साथ भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है और लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। अधिकारियों ने बताया कि कर्जत-लोनावला भोर घाट खंड में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन के बाद सोमवार तड़के व्यस्त मुंबई-पुणे मार्ग पर ट्रेन सेवाएं स्थगित कर दी गईं। उन्होंने बताया कि मध्य रेलवे ने रायगढ़ जिले में कर्जत और खोपोली के बीच भी लोकल ट्रेन सेवाओं को परिचालन निलंबित कर दिया, क्योंकि भारी बारिश के कारण लौजी और दोलावली स्टेशनों के बीच पटरियों के नीचे की गिट्टी बह गई थी।

40 से अधिक सेवाएं प्रभावित हुईं

पालघर जिले के कुछ हिस्सों में सुबह नौ बजे तक महज दो घंटे में करीब 300 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे स्थिति और खराब हो गई। अधिकारियों के अनुसार, भारी बारिश और गंभीर जलभराव ने पश्चिम रेलवे (डब्ल्यूआर) के परिचालन को भी ठप कर दिया, जिससे मुंबई और दक्षिण गुजरात के विभिन्न स्टेशनों पर 20 से अधिक लंबी दूरी की ट्रेनें फंसी रहीं। पश्चिम रेलवे के एक प्रवक्ता ने बताया कि भारी बारिश, जलभराव और भूस्खलन के कारण 40 से अधिक सेवाएं प्रभावित हुईं, जिनमें से कम से कम आठ ट्रेनों के समय में बदलाव किया गया, 10 को रद्द कर दिया गया और कई अन्य के मार्ग बदल दिए गए या उनकी यात्रा गंतव्य से पहले ही समाप्त कर दी गई।

पांच उड़ानों को किया गया डायवर्ट

अधिकारियों ने बताया कि महानगर में खराब मौसम के चलते सोमवार को दोपहर 3:30 बजे तक मुंबई हवाई अड्डे पर आने वाली पांच उड़ानों का मार्ग परिवर्तित कर उन्हें अन्य हवाई अड्डों पर भेजा गया। मुंबई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, इंडिगो की उड़ान संख्या '6ई 595' (रायपुर-मुंबई) और '6ई 1340' (सिंगापुर-मुंबई) का मार्ग बदलकर उन्हें हैदराबाद भेजा गया, जबकि अकासा एयर की उड़ान 'क्यूपी 1110' (दिल्ली-मुंबई) को अहमदाबाद की ओर मोड़ दिया गया। निजी हवाई अड्डा संचालक ने बयान में बताया कि इसी तरह एयर इंडिया की उड़ान संख्या 'एआई 2772' (कोलकाता-मुंबई) को बेंगलुरु और ओमान एयर की उड़ान 'डब्ल्यूवाई 203' (मस्कट-मुंबई) को वडोदरा हवाई अड्डे पर उतारा गया। बता दें कि मुंबई और उसके आस-पास के क्षेत्रों में पिछले कुछ दिनों से मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

57 लोगों को किया गया रेस्क्यू

वहीं पालघर जिले में कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल यानी (एनडीआरएफ) की टीमें राहत और बचाव कार्य में लगातार जुटी हुई हैं। ताजा मामला जांजरोली गांव के मंडल पाड़ा का है, जहां एनडीआरएफ की 5वीं बटालियन (पुणे) की टीम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। एनडीआरएफ की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, शाम 6:15 बजे तक टीम 5C ने कुल 57 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके साथ ही पानी में फंसी 9 बकरियों को भी सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

पूरी राज्य सरकार हाई अलर्ट पर

भारी बारिश के मद्देनजर राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई, जबकि मुंबई उच्च न्यायालय ने आश्वासन दिया कि यदि वकील अदालत पहुंचने में असमर्थ रहते हैं, तो कोई प्रतिकूल आदेश पारित नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करने के बाद एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया और विधानसभा में भी बयान दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि भारी बारिश का यह संकट 8 जुलाई तक जारी रह सकता है, जिसके कारण पूरे सरकारी तंत्र को हाई अलर्ट पर रखा गया है। उन्होंने मंगलवार को नासिक के कुछ हिस्सों में बादल फटने जैसी स्थिति बनने की आशंका भी जताई। सीएम फडणवीस ने कहा कि अत्यधिक बारिश एक प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति है, जो मानवीय नियंत्रण से बाहर है, लेकिन जनता के सहयोग से ऐसी आपातकालीन स्थितियों से अधिक प्रभावी ढंग से निपटा जा सकता है। उन्होंने कहा, "पूरा आपदा प्रबंधन तंत्र, नगर निगम, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीमें पूरी तरह मुस्तैद (हाई अलर्ट पर) हैं।"

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर 100 टन मलबा आ गिरा

मुख्यमंत्री ने बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान पर चिंता जताते हुए कहा कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर इस तरह का भीषण भूस्खलन पहले कभी नहीं हुआ था, वहां करीब 100 टन मलबा सड़क पर आ गिरा। उन्होंने कहा कि इसमें से 70 टन मलबा हटाकर पुणे की ओर जाने वाली तीन लेन खोल दी गई हैं और मुंबई की ओर का रास्ता साफ किया जा रहा है। फडणवीस ने बताया कि अहमदाबाद-मुंबई एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों को भी निर्माण स्थलों पर पानी जमा होने के कारण बंद किया गया है, जबकि मुंबई-गोवा राजमार्ग पर कासेडी घाट के पास भारी भूस्खलन से यातायात बाधित हुआ है। इसके अलावा, पश्चिमी घाट और रायगढ़ जिले में अत्यधिक बारिश के कारण सावित्री सहित प्रमुख नदियां खतरे के निशान को पार कर गई हैं और सतारा एवं कोल्हापुर में भी नदियों के बढ़ते जलस्तर पर नजर रखी जा रही है।

रविवार को 350 पेड़ गिर गए

पालघर का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां एक छोटे बांध का हिस्सा क्षतिग्रस्त होने के बाद निचले इलाकों के गांवों से लोगों को सुरक्षित निकाला जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मानसून में औसतन 800 पेड़ गिरते हैं, लेकिन अकेले रविवार को 350 पेड़ गिर गए। वे इस संबंध में मंगलवार को सदन में एक विस्तृत बयान देंगे। अधिकारियों के मुताबिक, कनेक्टिंग लिंक और मिसिंग लिंक खंडों के बीच मुख्य सड़क पर एक कंक्रीट का खंभा गिर जाने के बाद मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे को यातायात के लिए बंद करना पड़ा। इसके साथ ही, पुराने पुणे-मुंबई राजमार्ग पर भी कई स्थानों पर पानी भर जाने के कारण वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई।

"इन्फ्रा-मैन लापता हैं" के नारे

इससे पहले, विपक्षी विधायकों ने मुंबई में विधान भवन की सीढ़ियों पर विरोध प्रदर्शन किया और "इन्फ्रा-मैन लापता हैं" के नारे लगाते हुए सरकार पर बुनियादी ढांचे की नाकामी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश ने मुंबई और राज्य के अन्य हिस्सों में बुनियादी ढांचे की खस्ताहाल व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। विधान परिषद में भी विपक्ष ने बारिश से हुई मौतों पर स्पष्टीकरण मांगा। शिवसेना (उबाठा) के विधान परिषद सदस्य अंबादास दानवे ने बमुश्किल दो महीने पहले खुले मिसिंग लिंक खंड पर कंक्रीट का खंभा गिरने के लिए अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

हर्षवर्धन सपकाल ने लगाया सीएम पर आरोप

कांग्रेस नेता सतेज पाटिल ने गिरने की कगार पर पहुंचे (बेहद कमजोर) पेड़ों के सर्वेक्षण की रिपोर्ट मांगी। इन आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि कनेक्टिंग लिंक पर कोई संरचनात्मक विफलता नहीं हुई है, बल्कि मलबा आसपास की पहाड़ियों के खिसकने से गिरा है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि 2013 में कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने 13 कारण गिनाकर इस कनेक्टिंग लिंक की फाइल बंद कर दी थी कि इसे नहीं बनाया जा सकता, लेकिन यह महायुति सरकार है, जिसने दृढ़ निर्णय लेकर इस परियोजना को पूरा किया। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने एक प्रेस कांफ्रेंस में मुंबई क्षेत्र में हुई 12 मौतों को प्रशासनिक विफलता और मानव निर्मित आपदा बताया था। उन्होंने मुख्यमंत्री को इन्फ्रा मैन के बजाय डिजास्टर मैन बताते हुए आरोप लगाया था कि 7,181 करोड़ रुपये की मिसिंग लिंक परियोजना में भारी भ्रष्टाचार और तकनीकी खामियां हैं।

मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे मिसिंग लिंक परियोजना की सुरक्षा पर गंभीर सवाल

सपकाल ने दावा किया था कि कांग्रेस-राकांपा की पिछली सरकार के समय विशेषज्ञों ने इस परियोजना को लेकर सुरंग सुरक्षा और लोनावला बांध की स्थिरता सहित 13 विशिष्ट आपत्तियां उठाई थीं, जिन्हें नजरअंदाज कर जल्दबाजी में इसका उद्घाटन किया गया। इस बीच, कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता और आर्किटेक्ट अनंत गाडगिल ने भी मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे मिसिंग लिंक परियोजना की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने परियोजना के निर्माण कार्य की गुणवत्ता और खर्च की किसी स्वतंत्र एजेंसी से ऑडिट कराने की मांग की। गाडगिल ने आरोप लगाया कि करीब नौ से 10 किलोमीटर के इस हिस्से पर लगभग 12,000 से 13,000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जिसकी वित्तीय पारदर्शिता सामने आनी चाहिए। उन्होंने तकनीकी खामियों का हवाला देते हुए कहा कि पहाड़ों को काटकर बनाई गई सुरंगों के भीतर कंक्रीट की लाइनिंग में कमियां दिख रही हैं, जिससे मानसून में पानी का रिसाव होने पर यह कभी भी ढह सकती हैं। यूरोपीय देशों का उदाहरण देते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि वहां नई सुरंगों को यातायात के लिए खोलने से पहले 10 से 12 महीने तक जांचा-परखा जाता है, लेकिन महाराष्ट्र सरकार ने सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर जल्दबाजी में इसका उद्घाटन कर दिया।

(मुंबई से अतुल सिंह के इनपुट के साथ)

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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