Haryana Electricity Strike:हरियाणा के बिजली कर्मचारियों की हड़ताल शुक्रवार को खत्म हो गई। कर्मचारियों ने तुरंत प्रभाव से अपनी हड़ताल खत्म करने का ऐलान किया है। बिजली कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और बिजली मंत्री अनिल विज के साथ बातचीत के बाद अपनी हड़ताल वापस ले ली है। संयुक्त कार्य समिति ने कहा कि बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल कर दी जाएगी।
कर्मचारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि राज्य के बिजली क्षेत्र में निजी कंपनियों को आने नहीं दिया जाएगा और समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे। लंबित मुद्दों पर चर्चा के लिए अगली बैठक 3 नवंबर को तय की गई है।
बता दें कि हरियाणा में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने बिजली क्षेत्र के कथित निजीकरण के विरोध में हड़ताल कर रहे थे। कर्मचारियों ने कामकाज पूरी तरह से बंद कर दिया थी। इसकी वजह से कई जिलों में बिजली सप्लाई बाधित होने से लोग परेशान थे। खासकर, बिजली न होने से पानी की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ रहा था और लोग अंधेरे में रहने को मजबूर थे। अमूमन ब्लैकआउट जैसे हालात बने हुए थे। सरकार लगातार हड़ताल खत्म करने के लिए अपील कर रही थी, लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने से कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए थे।
क्या बोले मंत्री
बिजली मंत्री अनिल विज ने कहा कि हरियाणा में HERC (हरियाणा विद्युत नियामक आयोग) ने एक निजी कंपनी को लाइसेंस देने का फैसला किया। हमने पहले दिन से ही नियामक के सामने इसका कड़ा विरोध किया है। मैं यह भी स्पष्ट करना चाहता हूं कि सरकार ने किसी से भी कोई आवेदन नहीं मांगा था। केंद्र सरकार के 'बिजली अधिनियम' (Electricity Act) में एक प्रावधान है, जिसके तहत कोई भी संस्था नियामक के पास आवेदन देकर कुछ खास इलाकों के निजीकरण का प्रस्ताव रख सकती है। जैसे ही इस फैसले की घोषणा हुई, हमारे बिजली विभाग के कर्मचारियों ने इसका पुरजोर विरोध किया, और हमने भी पहले दिन से ही अपना विरोध जताया।
उन्होंने मीडिया के सामने कहा कि मैंने प्रमुख यूनियन नेताओं के साथ चर्चा की। गहनता से बातचीत के बाद हम इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि 'बिजली अधिनियम' की धारा 108 के तहत, सरकार के पास HERC को निर्देश देने का अधिकार है। अगर यह फैसला हमारी तय नीति से अलग है, तो सरकार इसे रोकने और रद्द करने का निर्देश दे सकती है। हमने इसी रास्ते पर आगे बढ़ने का फैसला किया है। सरकार 3 नवंबर को दोपहर 3:00 बजे एक और बैठक बुलाई है।
