Sonipat Police Encounter: हरियाणा के सोनीपत जिले में सोमवार सुबह पुलिस मुठभेड़ में कुख्यात बदमाश गोपाल उर्फ गोपी मारा गया। इस दौरान एक पुलिसकर्मी भीगोली लगने से घायल हो गया। पुलिस के अनुसार आरोपी हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पाने के बाद पैरोल पर बाहर आया था। गोपाल के ऊपर करीब 25 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। वह एक और वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहा था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घायल पुलिसकर्मी का अस्पताल में इलाज जारी है।
पुलिस कमिश्नर ममता सिंह और डीसीपी क्राइम नरेंद्र कादियान के अनुसार, सुबह करीब 5:30 बजे सूचना मिली थी कि अटायल गांव निवासी कुख्यात अपराधी गोपाल नहर के रास्ते एमपी माजरा, खूबडू होते हुए अपने गांव की तरफ जा रहा है। सूचना के आधार पर सीआईए-1 गन्नौर की टीम ने उसे पकड़ने के लिए इलाके में घेराबंदी कर दी। जब पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की। दोनों तरफ से कई राउंड गोलियां चलीं। इस दौरान गोपाल को गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि सीआईए-1 में तैनात हेड कांस्टेबल देवेंद्र के बाएं हाथ में गोली लगी। दोनों को तुरंत खानपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान गोपाल की मौत हो गई। वहीं हेड कांस्टेबल देवेंद्र का आईसीयू में इलाज जारी है।
पुलिस ने घटनास्थल से दो अवैध हथियार और 11 से अधिक कारतूसों के खोल बरामद किए हैं। फोरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं और मामले की तकनीकी जांच की जा रही है। जांच में पता चला है कि गोपाल सोमवार सुबह मनोज नामक व्यक्ति की हत्या करने की नीयत से गांव जा रहा था। पुलिस के अनुसार, वह पहले भी मनोज के ऊपर फायरिंग कर चुका था।
70 दिन की पैरोल पर बाहर आया था गोपाल
पुलिस ने बताया कि गोपाल करीब ढाई महीने पहले 70 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। पैरोल के दौरान उसने कई फायरिंग, आगजनी, लूट की कोशिश और वाहन चोरी जैसी कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया। गोपाल पर पहले से ही हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और अन्य गंभीर अपराधों के 25 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। उसे दो अलग-अलग मामलों में आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई जा चुकी थी। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच कर रही है।
