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ग्वालियर के गांधी प्राणी उद्यान से आई खुशखबरी! मादा सफेद टाइगर ‘मीरा’ ने दिया तीन शावकों को जन्म

ग्वालियर के गांधी प्राणी उद्यान से वन्यजीव प्रेमियों के लिए खुशखबरी आई है। मादा सफेद टाइगर ‘मीरा’ ने तीन शावकों को जन्म देकर चिड़ियाघर की रौनक बढ़ा दी है। नवजात शावकों के आगमन से यहां टाइगरों की संख्या में इजाफा हुआ है और उनकी विशेष देखभाल की जा रही है।

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ग्वालियर के गांधी प्राणी उद्यान में तीन शावकों का जन्म (प्रतीकात्मक फोटो)

Gwalior News: ग्वालियर के नगर निगम द्वारा संचालित गांधी प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) से एक खुशखबरी सामने आई है। यहां मादा सफेद टाइगर ‘मीरा’ ने 5 अप्रैल 2026 को दोपहर लगभग 2 बजे तीन शावकों को जन्म दिया। चिड़ियाघर के प्रभारी डॉ. उपेंद्र यादव के मुताबिक, इन शावकों में दो पीले (रॉयल बंगाल) और एक सफेद टाइगर शामिल है।

इतनी हो गई टाइगरों की कुल संख्या

इन शावकों के जन्म के बाद अब चिड़ियाघर में टाइगरों की कुल संख्या बढ़कर 10 हो गई है। इनमें 4 सफेद और 6 रॉयल बंगाल टाइगर हैं, जबकि संख्या के हिसाब से 4 नर, 3 मादा और 3 शावक मौजूद हैं। जू क्यूरेटर गौरव परिहार ने बताया कि ‘मीरा’ और उसके सभी शावक स्वस्थ हैं। फिलहाल ‘मीरा’ को हल्का भोजन दिया जा रहा है, ताकि उसकी सेहत बनी रहे।

नवजात शावकों की खास निगरानी

वहीं, निगम आयुक्त संघ प्रिय ने चिड़ियाघर प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि नवजात शावकों की खास निगरानी रखी जाए। तय समय तक उन्हें अलग (आइसोलेशन) में रखा जाएगा और उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच की जाएगी, ताकि उनकी सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित हो सके। ऐसे में इन नन्हे शावकों के जन्म से पूरे चिड़ियाघर में खुशी का माहौल है।

1922 में हुई थी गांधी प्राणी उद्यान की स्थापना

बता दें कि, गांधी प्राणी उद्यान (ग्वालियर चिड़ियाघर) 1922 में सिंधिया शाही परिवार द्वारा स्थापित एक प्रमुख वन्यजीव स्थल है, जो फूल बाग के पास स्थित है। यह दुर्लभ सफेद बाघ, एशियाई शेर, भालू और हिप्पो सहित विभिन्न देशी-विदेशी प्रजातियों का घर है। यह स्थान बच्चों और परिवार के साथ घूमने के लिए बेहतरीन है।

भारत में सफेद बाघों की संख्या कितनी है?

जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में भारत में लगभग 100 सफेद बाघ हैं, जो मुख्य रूप से विभिन्न चिड़ियाघरों और सफारी पार्कों में कैद (captivity) में रह रहे हैं। जंगली वातावरण में ये अब लगभग विलुप्त हो चुके हैं। ये जीव वैज्ञानिक रूप से बंगाल टाइगर का एक आनुवंशिक प्रकार हैं। ये विशेष रूप से मध्य प्रदेश (जैसे रीवा), असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में चिड़ियाघरों में देखे जा सकते हैं।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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