Gurugram News: गुरुग्राम में पुलिस ने एक स्कूल के चेयरमैन को गिरफ्तार किया है, जिस पर 10वीं कक्षा के छात्रों को झूठी सीबीएसई मान्यता दिखाकर ठगने का आरोप है। यह मामला 17 फरवरी को तब उजागर हुआ जब 10वीं के 11 छात्रों को प्रवेश पत्र न मिलने के कारण केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की गणित परीक्षा में बैठने का मौका नहीं मिला। पुलिस के अनुसार, सेक्टर 9बी में स्थित एक स्कूल के प्रबंधन के खिलाफ 18 फरवरी को सेक्टर 9ए थाने में मामला दर्ज किया गया था।
कक्षा 10 की एक छात्रा के माता-पिता ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने अपनी बेटी के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि स्कूल ने ट्यूशन फीस और अन्य विभिन्न शुल्क नियमित रूप से वसूल किए, फिर भी एडमिट कार्ड नहीं दिया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि प्रवेश के समय स्कूल ने दावा किया कि उसे सीबीएसई से मान्यता प्राप्त है और मान्यता प्रमाणपत्र तथा संबद्धता संख्या दिखाई थी, जबकि दी गई पंजीकरण संख्या भी गलत निकली। माता-पिता का कहना है कि इस धोखाधड़ी के कारण उनकी बेटी का एक शैक्षणिक वर्ष बर्बाद हो गया और उसका भविष्य जोखिम में पड़ गया।
इन धाराओं के तहत मामला दर्ज
अधिकारियों ने बताया कि जिला प्राथमिक शिक्षा कार्यालय द्वारा स्कूल के प्रमाणपत्रों की जांच में यह सामने आया कि स्कूल के पास नौवीं और दसवीं कक्षा चलाने के लिए सीबीएसई की कोई मान्यता नहीं थी। इसके बाद पुलिस ने सेक्टर 9ए थाने में स्कूल के चेयरमैन विनय कटारिया, प्रधानाध्यापिका रिद्धिमा कटारिया, उप प्रधानाध्यापिका सिमर बत्रा, समन्वयक सोनिया और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 316(दो) और तीन(पांच) के तहत मामला दर्ज किया।
आरोपी से पूछताछ जारी
पुलिस ने शुक्रवार को जांच के दौरान बिलासपुर क्षेत्र के सेक्टर 9 के निवासी 38 वर्षीय विनय कटारिया को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं। गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पिछले आठ वर्षों से स्कूल चला रहा था, जिसे केवल आठवीं कक्षा तक ही सरकारी मान्यता प्राप्त थी। उन्होंने बताया कि आरोपी ने 25 छात्रों को दसवीं कक्षा की फर्जी मान्यता दिखाकर उन्हें नौवीं और दसवीं में दाखिला दिलाया था। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
(इनपुट - भाषा)
