नूंह: 31 जुलाई को हुई हिंसा की आग अभी ठंडी नहीं हुई थी कि एक बार फिर जिला बिगड़े सांप्रदायिक माहौल की चपेट में आ गया। गुरुवार को नूंह के पांडु राम चौक इलाके में कुआं पूजन के लिए जा रहीं हिंदू समुदाय की महिलाओं पर तथाकथित तौर पर एक मस्जिद के पास पथराव होने के बाद हंगामा हो गया। इस पथराव में 8 से ज्यादा महिलाओं के घायल होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में घायल महिलाओं की संख्या 3 ही बताई गई है। माहौल खराब होने से बाजार बंद कर दिए गए हैं।
हिंदू-मुस्लिम विवाद बढ़ने की आशंका
गुरुवार रात हुई इस घटना के कारण शुक्रवार को भी तनाव का माहौल बना रहा। इस घटना के विरोध में विश्व हिंदू परिषद के नेताओं की ओर से नूंह पहुंचने की घोषणा के बाद तनाव और बढ़ गया है, जिसके बाद दूसरे समुदाय के लोगों ने भी कांग्रेस विधायक आफताब अहमद के नेतृत्व में पंचायत की है। प्रशासन पूरे विवाद पर करीब से निगाह बनाए हुए है और पूरे शहर में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। घटना के विरोध में स्थानीय व्यापारियों ने शुक्रवार को बाजार बंद रखे।बाजार बंद
बाजार बंद रखने वाले व्यापारियों में बड़ी संख्या में हिंदू शामिल हैं। घटना के विरोध में दुकानें और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान नहीं खोले। उन्होंने विरोध जताते हुए पथराव करने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग की। वहीं, पुलिस ने कहा कि जुलूस 'कुआं पूजन' समारोह का हिस्सा था, जिसका आयोजन स्थानीय निवासी राम अवतार और उनके परिवार ने किया था। जब यह घटना घटी तब अवतार का परिवार और रिश्तेदार पास के शिव मंदिर जाने के लिए अपने घर से बाहर निकले थे।संदिग्धों ने महिलाओं पर फेंके पत्थर
पुलिस ने बताया कि करीब रात के ठीक 8 बजे 20 लोगों का समूह स्थानीय मदरसे के पास से गुजर रहा था। तभी संदिग्धों, जिनमें मुख्य रूप से नाबालिग बच्चे शामिल थे। उन्होंने कथित तौर पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव से जुलूस में अफरा-तफरी मच गई। जिससे तीन महिलाएं घायल हो गईं। तीनों घायल महिलाओं को इलाज के लिए नूंह के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
