गुरुग्राम

गुरुग्राम: अब सोसायटी के क्लब में भी खुल सकेंगे बार और रेस्टोरेंट, RWA को मिला फैसला लेने का अधिकार

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated May 17, 2023, 02:00 PM IST

पिछले सप्ताह घोषित नई आबकारी नीति में आबकारी विभाग ने कोंडोमिनियम क्लबों में शराब लाइसेंस के लिए वार्षिक शुल्क को 20 लाख से घटाकर 15 लाख कर दिया।

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अब सोसायटी के क्लब में भी खुल सकेंगे बार और रेस्टोरेंट (प्रतीकात्मक फोटो)

Bars and Restaurants in Societies: रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWAs) अब नई हरियाणा एक्साइज पॉलिसी के तहत लोकप्रिय बार और रेस्तरां को क्लबों में अपने आउटलेट खोलने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं। नीति के प्रावधान के अनुसार, बार या रेस्तरां के मालिक को अलग से लाइसेंस लेना होगा और कॉन्डोमिनियम में आउटलेट चलाने की पूरी जिम्मेदारी उसकी होगी। अधिकारियों ने कहा कि आरडब्ल्यूए को केवल परिसर उपलब्ध कराना होगा।

नई आबकारी नीति में प्रावधान

पिछले सप्ताह घोषित नई आबकारी नीति में आबकारी विभाग ने कोंडोमिनियम क्लबों में शराब लाइसेंस के लिए वार्षिक शुल्क को 20 लाख से घटाकर 15 लाख कर दिया। हरियाणा के उप-मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आबकारी नीति को निवासियों को मिलने वाले लाभ को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। गुरुग्राम में सभी प्रकार के व्यंजन और विश्व स्तरीय रेस्तरां हैं। हमने आवासीय क्लबों के लिए शराब लाइसेंस शुल्क कम कर दिया है ताकि अधिक से अधिक लोग इन लाइसेंसों का विकल्प चुन सकें और यहां तक कि छोटे कॉन्डोमिनियम याकॉलोनियां अपने निवासियों को सर्वोत्तम सेवाएं और गुणवत्तापूर्ण भोजन प्रदान कर सकें। इससे पहले केवल बड़ी कंपनियां ही अपने निवासियों को ये सुविधाएं प्रदान करते थे। बता दें कि चौटाला के पास आबकारी और कराधान विभाग भी हैं।

आरडब्ल्यूए को मिलेंगे अधिक विकल्प

आबकारी अधिकारियों ने कहा कि केवल कुछ डेवलपर्स के पास क्लबों की सुविधा है, लेकिन शराब लाइसेंस शुल्क में कमी के बाद ज्यादा डेवलपर्स और आरडब्ल्यूए अपने परिसर में कुछ शीर्ष रेस्तरां का विकल्प तलाशेंगे। चौटाला ने कहा कि क्लब अपने क्षेत्रों को किसी तीसरे पक्ष को आउटसोर्स कर सकते हैं, जैसे कि एक रेस्तरां सीरीज जो लाइसेंस शुल्क का भुगतान करेगी और क्लब चलाने के लिए आरडब्ल्यूए के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर करेगी।

उन्होंने कहा कि क्लब चलाने के लिए रेस्तरां श्रृंखला से कोई किराया नहीं लिया जाएगा, लेकिन सभी ओवरहेड लागत उस विक्रेता द्वारा वहन की जाएगी जो रेस्तरां या बार चलाने के लिए जगह लेगा। आबकारी अधिकारियों ने यह भी कहा कि परोसी जाने वाली शराब की कीमत आरडब्ल्यूए और रेस्तरां पर निर्भर करेगी। वे निवासियों के लिए जेब के मुताबिक दाम रख सकते हैं, जो बाहर के शुल्क से कम हो।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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