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बिहार के पूर्वी चंपारण में बड़ा हादसा, चार बच्चे और महिला की तालाब में डूबकर मौत; आत्महत्या या एक्सीडेंट?

बिहार के पूर्वी चंपारण में एक महिला और चार बच्चों की एक तालाब में डूबकर मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हाल में हुए घरेलू विवाद के कारण महिला ने पहले अपने बच्चों की हत्या की और फिर खुद भी आत्महत्या कर ली।

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पूर्वी चंपारण में चार बच्चे और महिला की तालाब में डूबकर मौत

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के एक गांव के पोखर में डूबने से एक महिला और उसके चार बच्चों की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि यह घटना गोविंदगंज थाना क्षेत्र के बभनौली गांव में बृहस्पतिवार को हुई। मृतकों की पहचान सुशीला देवी (30), उनकी बेटियों अमृता कुमारी (11) और पम्मी कुमारी (छह) तथा बेटों अविनाश कुमार (आठ) और रवि कुमार (चार) के रूप में हुई है।

खेतों पर चारा काटने गई थी महिला

अरेराज के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) आदित्य दीक्षित ने बताया कि महिला रोजाना की तरह बृहस्पतिवार को भी अपने बच्चों को चारा काटने और घोंघा इकट्ठा करने के लिए पास के खेतों में ले गई थी। जब महिला का पति शाम को घर लौटा तो उसने पत्नी और बच्चों को नहीं पाया और उनकी तलाश शुरू कर दी। आखिरकार, पुलिस और ग्रामीणों की मदद से खेतों में स्थित एक पोखर से शव बरामद किए गए।

आत्महत्या की आशंका

उन्होंने बताया कि ऐसी आशंका है कि बच्चों में से कोई एक संभवत: तालाब के निकट बारिश के पानी से भरे गड्ढे में फिसल गया होगा, जिसके बाद वह बहता हुआ पोखर की ओर चला गया और बाकी बच्चे उसे बचाने के प्रयास में डूब गए। हालांकि, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि हाल में हुए घरेलू विवाद के कारण महिला ने पहले अपने बच्चों की हत्या की और फिर खुद भी आत्महत्या कर ली।

बीडीओ दीक्षित और गोविंदगंज थाना प्रभारी सच्चिदानंद पांडे ने बताया कि मौत के सटीक कारणों का पता उचित जांच के बाद ही चल सकेगा। थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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