गुरुग्राम

Manipur Violence : मणिपुर से हरियाणा के स्‍टूडेंट्स की जल्‍द हो सकती है घरवापसी, IIT इंफाल से किया गया शिफ्ट

Manipur Violence : मणिपुर में हिंसा के बीच सिर्फ हरियाणा ही नहीं बल्कि इसके साथ-साथ उत्तर प्रदेश, बिहार के स्‍टूडेंट्स भी फंसे हुए हैं। इस मामले का संज्ञान दिलाते हुए बिहार के सीएम नीतीश कुमार केंद्र सरकार से छात्रों को सुरक्षित निकालने की मांग कर चुके हैं।

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मणिपुर हिंसा में हरियाण के छात्र फंसे हैं। (प्रतीकात्‍मक फोटो)

Photo : ANI

Manipur Violence : देश के पूर्वोत्‍तर राज्‍य मणिपुर मे इन दिनों हालात सामान्‍य नहीं हैं। इसे देखते हुए अब हरियाणा सरकार ने वहां दंगों के बीच फंसे हरियाणा के छात्रों को निकालने के प्रसास शुरू कर दिए हैं। हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी संजीव कौशल ने मणिपुर के अधिकारियों से इस संबंध में बातचीत की और पानीपत के छात्रों की सुरक्षा की चिंता जताई। जिसके बाद पानीपत के सात छात्रों को IIT इंफाल से शिफ्ट कर दिया गया। बता दें कि इससे पहले कांग्रेस से राज्‍यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने राज्‍य सरकार से छात्रों की सुरक्षित घर वापसी कराने की बात कही थी।

क्‍या बोले हुड्डा

मणिपुर हिंसा के बीच फंसे हुए छात्रों की जानकारी देते हुए ट्विटर पर हुड्डा ने लिखा कि 'मैं हरियाणा सरकार को अवगत कराना चाहता हूं कि मणिपुर में हो रहे सामाजिक दंगों के बीच में वहां नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ टेक्‍नोलॉजी मणिपुर में हरियाणा के आठ छात्र फंसे हुए हैं। सरकार से अनुरोध है कि उन छात्रों की सकुशल घर वापसी सुनिश्चित की जाए। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (NIT) के छात्र बताए जा रहे हैं।'

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दीपेंद्र हुड्डा का ट्वीट।

अन्‍य राज्‍यों के छात्र भी फंसे

मणिपुर में हिंसा के बीच सिर्फ हरियाणा ही नहीं बल्कि इसके साथ-साथ उत्तर प्रदेश, बिहार के स्‍टूडेंट्स भी फंसे हुए हैं। इस मामले का संज्ञान दिलाते हुए बिहार के सीएम नीतीश कुमार केंद्र सरकार से छात्रों को सुरक्षित निकालने की मांग कर चुके हैं। वहीं, इस मुद्दे को लेकर जमकर सियासत भी हो रही है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मणिपुर हिंसा के लिए केंद्र सरकार को जिम्‍मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि BJP की नफरत-बांटने की राजनीति और सत्ता के लालच के चलते वहां पर ऐसे हालात उत्‍पन्‍न हुए हैं। उन्होंने सभी पक्षों को संयम बरतने की नसीहत भी दी है।

हिंसा की क्‍या है वजह

ऑल इंडिया ट्राइबल स्टूडेंट यूनियन ने मणिपुर में एक ट्राइबल सॉलिडेरटी मार्च बुलाया था। इस दौरान वहां पर आदिवासी और गैर-आदिवासी समुदायों में कहासुनी हो गई। बात आगे बढ़ाते हुए कुछ लोगों ने जब हाथापाई की कोशिश की वहां पर दोनों पक्षों में तीखी झड़प हो गई। बता दें कि इस पूरे की मूल वजह है, गैर-आदिवासी मैतेई समुदाय को शेड्यूल ट्राइब (ST) का दर्जा दिए जाने की पुरजोर मांग। हालांकि आदिवासी समुदाय इस मांग के विरोध में है। गौरतलब है कि हालात सामान्‍य न हो पाने की वजह से मणिपुर के आठ जिलों में कर्फ्यू लगा दिया गया और मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को भी बंद करने का फैसला ले लिया गया।

Shaswat Gupta
शाश्वत गुप्ताauthor

पत्रकारिता जगत में पांच साल पूरे होने जा रहे हैं। वर्ष 2018-20 में जागरण इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड मास कम्‍युनिकेशन से Advance PG डिप्लोमा करने के बाद मीडिया जगत में दस्तक दी। 2019 में दैनिक जागरण से पत्रकारीय जीवन का आरंभ हुआ। इसके बाद जागरण न्‍यू मीडिया, दैनिक भास्‍कर और इंडिया टीवी में सेवाएं दीं। अप्रैल 2023 से टाइम्‍स नाउ नवभारत (https://www.timesnowhindi.com/) के साथ यह सफर अनवरत‍ जारी है। परंपरागत मीडिया से प्रारंभ हुआ करियर अब आधुनिक यानी डिजिटल मीडिया तक पहुंच चुका है। ग्राउंड रिपोर्टिंग से शुरू हुई यह यात्रा लोकल/हाइपरलोकल डेस्‍क, प्रादेशिक डेस्‍क, सोशल मीडिया डेस्‍क, नेशनल डेस्‍क से अब वायरल डेस्‍क तक पहुंच चुकी है। करीब साढ़े चार साल के इस करियर में अविस्‍मरणीय अनुभव रहे हैं। दैनिक जागरण में पहली पारी के दौरान बिकरू कांड जैसी बड़ी और ज्‍वलन्‍त घटना की कवरेज करने का अवसर मिला। प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया दोनों ही मंचों पर बेहतरीन ढंग से खबर का प्रस्‍तुतिकरण किया। प्रिंट मीडिया की प्रादेशिक डेस्‍क पर कार्य करते हुए कानपुर सिटी, कानपुर देहात, इटावा, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, फतेहपुर, औरैया, जालौन, उन्‍नाव, फर्रुखाबाद और कन्‍नौज संस्‍करण की जिम्‍मेदारी संभाली। इन सभी डेस्‍क का कार्य निष्‍पादित करते हुए हर ब्रेकिंग खबर का प्रिंट व डिजिटल दोनों माध्‍यमों में बेहतरीन प्रस्‍तुतिकरण किया। तत्‍पश्‍चात् जागरण न्‍यू मीडिया के हाइपरलोकल सेक्‍शन की लॉन्चिंग में यूपी टीम के सक्रिय सदस्‍य रहे। 2019 से लेकर 2022 तक कोरोना की तीनों लहरों की कवरेज की। इस दौरान लॉकडाउन और ऑक्‍सीजन संकट से ऊपजे हालात पर कई स्‍टोरीज कीं। उत्‍तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2021 में अलग-अलग दिनों में होने वाली अलग-अलग स्‍थानों की वोटिंग, काउंटिंग और रिजल्‍ट से जुड़ी खबरों को पाठकों तक बखूबी पहुंचाया। इस दौरान खबरों की प्‍लानिंग, लाइव ब्‍लॉग लाइव करने के साथ मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर मिला। 2021 में माफिया मुख्‍तार अंसारी की बांदा जेल में वापसी पर भी प्रतिद्वंद्वियों से बेहतर कवरेज की। ढाई साल में उत्‍तर प्रदेश के अंदर हुई इस उथल-पुथल के बाद कन्‍नौज के पियूष जैन कांड की खबर को ब्रेक किया। इस केस में रेग्‍युलर कवरेज करने के अलावा कई एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरीज करने का मौका भी मिला। तत्‍पश्‍चात् कानपुर मेट्रो से जुड़े कार्यों की कवरेज कर औपचारिक तौर पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के दौरे और प्रथम कॉरिडोर के उद्घाटन की कवरेज करने के साक्षी रहे। उतार-चढ़ाव से भरा डिजिटल मीडिया का यह पहला अनुभव काफी शानदार रहा और बेहतरीन कवरेज से यूपी टीम में कानपुर सेक्‍शन को दूसरा सर्वाधिक Pageviews वाला सेक्‍शन बनाने में योगदान दिया। दैनिक भास्‍कर (DB Digital) के साथ उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भगवा लहर के साक्षी रहे। डिजिटल मीडिया के दूसरे पड़ाव में प्रदेश की चुनावी सरगर्मी को भांपने का अवसर मिला। इसके साथ-साथ उत्‍तर प्रदेश की सैकड़ों तहसील, ब्‍लॉक व गांव इत्‍यादि की दैनिक खबरों का नियोजन कर उन्‍हें फ्लैश करने की जिम्‍मेदारी का निर्वाह किया। दूसरे पड़ाव में उत्‍तर प्रदेश के ग्रामीण परिवेश को खबरों के लिहाज से करीने से समझा और स्‍थानीय क्षेत्रों की समस्याओं को बड़े स्‍तर तक पहुंचाने का काम किया। विधानसभा चुनाव की छोटी-बड़ी खबरों को ब्रेक करने के साथ-साथ ऑब्‍जर्वेशन आधारित मल्‍टीपल स्‍टोरीज करने का अवसर भी मिला।इंडिया टीवी में समाचार लेखन और प्रस्‍तुतिकरण का एक नया अनुभव प्राप्‍त करने का सौभाग्‍य मिला। यू-ट्यूब की दुनिया में खबरों के महत्‍व, लेखन और प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला। जिसके बाद पंजाबी गायक स‍िद्धू मूसेवाला मर्डर केस और महाराष्‍ट्र के सियासी संकट की खबर को ब्रेक किया। यूपी में निर्माणाधीन एक्‍सप्रेस-वे पर वीडियो पैकेज बनाकर दर्शकों के सम्‍मुख यूट्यूब ओरिएंटेड एक्‍सक्‍लूसिव स्‍टोरी पेश की। राजू श्रीवास्‍तव-मुलायम सिंह यादव का निधन, श्रद्धा वाल्‍कर मर्डर केस, जोशीमठ की प्राकृतिक आपदा और द्रौपदी मुर्मू के राष्‍ट्रपति बनने के सफर पर कई वीडियो और उनकी LIVE स्‍ट्रीमिंग करने का मौका मिला। इनके अलावा साल 2022 में हुए गुजरात और हिमाचल प्रदेश के व‍िधानसभा चुनाव एवं दिल्‍ली एमसीडी चुनाव से जुड़े वीडियो पर खबरों की कवरेज (यू-ट्यूब पर), लाइव स्‍ट्रीमिंग की। चैनल के शो 'आप की अदालत' की री-लॉन्चिंग पर टीम के साथ को-ऑर्डिनेशन से लाइव स्‍ट्रीमिंग और वीडियो पैकेजिंग का अनुभव प्राप्‍त किया। इसके बाद माफिया अतीक अहमद की साबरमती जेल से वापसी और उसके बेटे के एनकाउंटर पर आधारित वीडियोज़ को बेहतरीन इमेज-कंटेंट क्रिएशन के साथ पब्लिश किया। कोई भी खबर न रुके, न छूटे, न चूके...इसी उद्देश्‍य के साथ विविधता से परिपूर्ण इस यात्रा को आगे बढ़ा रहे हैं।

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