गुरुग्राम

गुरुग्राम में बन रहा बड़ा अस्पताल, मिलेंगी PGI जैसी सुविधाएं

हरियाणा के गुरुग्राम स्थित निर्माणाधीन शीतला माता मेडिकल कॉलेज में रोहतक पीजीआई की तरह स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। फिलहाल, 65 फीसदी अस्पताल का निर्माण पूरा हो गया है। डॉक्टरों की नियुक्ति की योजना तैयार करने को कहा गया है।

Image

निर्माणाधीन शीतला माता मेडिकल कॉलेज

गुरुग्राम : सेक्टर 102 में निर्माणाधीन शीतला माता मेडिकल कॉलेज में अब आम सुविधाओं के अलावा रोहतक पीजीआई जैसी स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की बात कही जा रही है। बिस्तरों वाले इस अस्पताल में हाईटेक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। हरियाणा के मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को ये निर्देश दिए हैं। अस्पताल में उपकरण के साथ डॉक्टरों की नियुक्ति की योजना तैयार करने को कहा गया है। ऐसा होने से गंभीर बीमारियों के लिए मरीजों को बड़े अस्पतालों की ओर नहीं देखना होगा।

पीजीआई रोहतक की तर्ज पर होगा इलाज

गुरुग्राम जिले में शीतला माता देवी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का निर्माण सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) के अनूठे नए मॉडल पर किया जा रहा है, जिसमें गुरुग्राम के निवासियों को किफायती लागत पर उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अस्पताल को पीपीपी मॉडल पर चलाने की योजना बनाई जा रही थी, लेकिन अब इसे पीजीआई रोहतक की तर्ज पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया जाएगा। ऐसा होने से स्थानीय और गरीब तबके के मरीजों को काफी फायदा मिलेगा।

यह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल एक अनूठे मॉडल पर बनाया जाएगा, जिसमें लोगों को 'लो कॉस्ट अफोर्डेबल सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल' की सुविधाएं मिलेंगी। यह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल सेक्टर 102 में बनाया जा रहा है। इसमें सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की सभी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। फिलहाल, 65 फीसदी अस्पताल का निर्माण पूरा हो गया है। इसके पूरा होने से बड़ी संख्या में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया होंगी। कम बजट में बेहतर इलाज कर लोगों को सहूलियत दी जाएगी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article