Gurugram: गुरुग्राम विजिलेंस की टीम ने रिश्वत लेन-देन मामले में बड़ी कार्रवाई की है। 20 लाख रुपये रिश्वत के दो अगल-अलग मामलों में विजिलेंस ने हरियाणा सिविल सेवा (एचसीएस) के एक अधिकारी और एक जिला शिक्षा अधिकारी के साथ नूंह जिले में तैनात तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। विजिलेंस द्वारा रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किए गए एचसीएस अधिकारी की पहचान वकील अहमद के रूप में हुई है। ये अधिकारी हरियाणा के विमुक्त और घुमंतू जनजातीय बोर्ड के सचिव थे और इस समय नूंह जिले में तैनाती थी। वकील अहमद के अलावा इनके भाई व दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। वहीं एक दूसरे मामले में डीईओ को भी गिरफ्तार किया गया है।
विजिलेंस के अनुसार, एचसीएस अधिकारी वकील अहमद और तीन अन्य लोगों को हाल ही में हुए जिला परिषद चुनावों में जीत दिलाने के बादले शिकायतकर्ता के रिश्तेदार से 10 लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। विजिलेंस के अनुसार इन सभी आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 सहित आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इन आरोपियों से विजिलेंस पूछताछ कर सबूत जुटाने में लगी हुई है।
शिक्षा सामग्री की खरीद और आपूर्ति के नाम पर रिश्वत
वहीं एक दूसरे मामले में विजिलेंस ने नूंह के जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) रामफल धनखड़ को भी गिरफ्तार किया है। आरोप है कि डीईओ ने शिक्षा सामग्री की खरीद और आपूर्ति के आदेश देने के लिए एक शिकायतकर्ता से 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। जिसके बाद इसकी शिकायत विजिलेंस को दी गई। विजिलेंस अधिकारियों ने ट्रैप लगाकर आरोपी को शिकायतकर्ता से 10 लाख रुपये लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। विजिलेंस के अनुसार, इस आरोपी के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार डीईओ पर यह भी आरोप है कि, आरोपी शिकायतकर्ता से दो लाख रुपये रिश्वत पहले ही ले चुका है। आरोपी को बुधवार को नूंह की जिला अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए दो दिन की रिमांड हासिल की गई है। विजिलेंस की दो बड़े अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।
