ऑनलाइन फ्रॉड के बढ़ते मामलों के बीच गुजरात की अमरेली साइबर क्राइम पुलिस ने एक मिसाल कायम की है। सिडनी (ऑस्ट्रेलिया) में रह रहे एक अप्रवासी भारतीय (NRI) के साथ हुई 11 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पूरे पैसे वापस करा दिए हैं। अमरेली पुलिस की इस प्रोफेशनल कार्यशैली और मुस्तैदी की सराहना खुद पीड़िता और मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) द्वारा जारी बयान में की गई है।
क्या था पूरा मामला?
अमरेली के पुलिस अधीक्षक (SP) संजय खरात के अनुसार, मूल रूप से नई दिल्ली के रहने वाले और वर्तमान में सिडनी (ऑस्ट्रेलिया) में कार्यरत सौरव जॉली ने अप्रैल 2026 में सोना खरीदने के लिए अमरेली निवासी एक व्यक्ति को 11 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे। हालांकि, पैसे मिलने के बाद भी आरोपी ने उन्हें सोने की डिलीवरी नहीं दी और टालमटोल करने लगा। जून में सौरव जॉली ने ऑस्ट्रेलिया में रहते हुए ईमेल के जरिए अमरेली पुलिस से संपर्क साधा और अपनी शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता को शुरुआत में इस बात का संशय था कि विदेश में रहने के कारण भारत की पुलिस इतनी जल्दी कार्रवाई कर पाएगी या नहीं। अमरेली साइबर क्राइम पुलिस के इंस्पेक्टर कमलेश खटाना ने कहा कि ईमेल मिलते ही हमारी टीम ने तुरंत जांच शुरू की। साइबर क्राइम टीम ने संबंधित बैंक से समन्वय स्थापित किया और लगातार मामले की पैरवी की। आरोपी पर दबाव बनाया गया, जिसके बाद उसने जुलाई में पूरा पैसा वापस लौटा दिया।
डिप्टी सीएम के निर्देश और NRI ने जताया आभार
राज्य के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने पुलिस को साइबर धोखाधड़ी के पीड़ितों को तत्काल सहायता प्रदान करने और उनके गाढ़े पसीने की कमाई को सुरक्षित वापस दिलाने के निर्देश जारी किए थे। पूरे 11 लाख रुपयों के बैंक खाते में वापस मिलने के बाद सौरव जॉली ने अमरेली एसपी को धन्यवाद पत्र भेजकर आभार व्यक्त किया।
