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Noida Airport: 23 साल पुराना सपना हुआ साकार; जेवर एयरपोर्ट का ट्रायल आज; जानें कब आप भर सकते हैं उड़ान

Noida International Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का ट्रायल शुरू हो चुका है। यह प्रक्रिया 15 दिसंबर तक जारी रहेगी। जानकारी के मुताबिक, एयरपोर्ट से अप्रैल 2025 में वाणिज्यिक फ्लाइट का संचालन हो सकता है।

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Noida Airport: 23 साल पुराना सपना हुआ साकार; जेवर एयरपोर्ट का ट्रायल आज; जानें कब आप भर सकते हैं उड़ान

Noida International Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। परिसर कुछ बकाए कार्यों को तेजी से पूरा करने की कोशिश जारी है। लेकिन, यहां से उड़ान भरने का सपना पाले बैठे लोगों के लिए खुशखबरी है। दरअसल, जेवर हवाई अड्डे के 3900 मीटर लंबे और 60 मीटर चौड़े रनवे का 9 दिसंबर यानी सोमवार को ट्रायल होने जा रहा है। यह प्रक्रिया 15 दिसंबर तक जारी रहेगी। रनवे पर मार्किंग और लाइटिंग का कार्य पूरा हो चुका है। जानकारी के मुताबिक, एयरपोर्ट से अप्रैल 2025 में वाणिज्यिक फ्लाइट का संचालन हो सकता है।

उतारा जायेगा वैलिडेशन फ्लाइट

ट्रायल के बाद इतिहास में आज का दिन दर्ज होगा जाएगा। ट्रायल के लिए रनवे पर वैलिडेशन फ्लाइट उतारा जायेगा। साल 2001 में जेवर में एयरपोर्ट बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। अब 23 साल बाद उड़ान का सपना लिए बैठे लोगों के लिए ये बड़ी खुशखबरी है। रनवे ट्रायल के बाद एयरड्रोम लाइसेंस के लिए डीजीसीए में आवेदन किया जाएगा।

एक अधिकारी के मुताबिक, कमर्शियल ट्रायल लैंडिंग से पहले डीजीसीए अपनी सभी औपचारिकताएं पूरी करता है, जिसके बाद रनवे पर विमान की लैंडिंग और टेक ऑफ की ट्रायल प्रक्रिया पूरी होती है। एयरपोर्ट पर कैट-1 और कैट-3 उपकरण लग चुके हैं, जो घने कोहरे में भी विमान की ऊंचाई और दृश्यता की जानकारी देते हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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