दिल्ली एनसीआर में रहने वालों के के लिए एक अच्छी खबर आई है। जानकारी के मुताबिक, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के नॉलेज पार्क-5 में गौतमबुद्धनगर जिले का दूसरा ईएसआईसी अस्पताल बनने जा रहा है। यह फैसला ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 139वीं बोर्ड बैठक में लिया गया, जिसमें अस्पताल के लिए जमीन आवंटित करने पर सहमति दी गई।
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में तीन अहम फैसलों पर मुहर लगी, जिनमें जमीन अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को राहत देना भी शामिल है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने बताया कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) को अस्पताल बनाने के लिए 5000 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से 7.24 एकड़ जमीन दी जाएगी। ये आधुनिक सुविधाओं से युक्त अस्पताल तीन वर्षों में बनकर तैयार होगा, जिससे क्षेत्र के निवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलेंगी।
550 करोड़ रुपये का खर्च
इस अस्पताल के निर्माण पर लगभग 550 करोड़ रुपये की लागत आएगी, जिसे ईएसआईसी द्वारा वहन किया जाएगा। इसके पूरा हो जाने पर ग्रेटर नोएडा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारियों को बेहतर और किफायती चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। फिलहाल, जिले में एकमात्र ईएसआईसी अस्पताल नोएडा के सेक्टर 24 में स्थित है, जिससे ग्रेटर नोएडा के निवासियों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। नोएडा जाकर इलाज कराना समय-साध्य होता है और पूरा दिन लग जाता है।
बैकलीज प्रक्रिया में देरी नहीं
लीज बैक मामले में अभिलेखों की जांच के बाद समिति की संस्तुति पर सीईओ लिपिकीय त्रुटि को अनुमोदित करेंगे, और इसे तत्काल सुधार लिया जाएगा। इससे बैकलीज प्रक्रिया में कोई विलंब नहीं होगा। बोर्ड बैठक में एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव, एसीईओ सुनील कुमार सिंह, एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ प्रेरणा सिंह और यमुना प्राधिकरण के एसीईओ कपिल सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
812 फ्लैट्स सीआईएसएफ को आवंटित
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सेक्टर ओमीक्रॉन-1ए में बनाए गए 812 फ्लैट्स को सीआईएसएफ को आवंटित करने का निर्णय लिया है। इस प्रस्ताव को प्राधिकरण बोर्ड की मंजूरी मिल गई है। सीईओ एनजी रवि कुमार ने बताया कि ये फ्लैट्स एमआईजी और एलआईजी श्रेणी के हैं, जिनकी कीमत तय कर सीआईएसएफ को भेज दी गई है। इससे नोएडा एयरपोर्ट की सुरक्षा में तैनात सीआईएसएफ कर्मियों को बेहतर आवासीय सुविधा मिलेगी। इसके अलावा, लगभग 192 फ्लैट्स पुलिस, न्यायालय, जिला प्रशासन और अन्य सरकारी विभागों को आवासीय उपयोग के लिए आवंटित करने का भी निर्णय लिया गया है।
