ग्रेटर नोएडा

ग्रेटर नोएडा में अवैध कॉलोनियों पर फिर गरजा बुलडोजर, 120 बीघे जमीन को कब्जे से छुड़ाया

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से अवैध कॉलोनियों पर बुलडोजर चलाया है। 120 बीघे की जमीन पर अवैध रूप से कॉलोनी बनाई जा रही थी जिसपर यह एक्शन लिया गया। इस जमीन की अनुमानित कीमत 150 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

Image

120 बीघे जमीन को कराया गया खाली (सांकेतिक तस्वीर)

ग्रेटर नोएडा में अवैध कब्जा धारकों के खिलाफ प्रशासन ने बुलडोजर चलाया है। 120 बीघे जमीन को कब्जे से छुड़ाने के लिए प्रशासन ने ये कदम उठाया। यह इलाका डूब क्षेत्र के अंतर्गत आता है, कॉलोनाइजर इसे कब्जा करने के इरादे से यहां अवैध रूप से कॉलोनी बसा रहे थे।

हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में पड़ने वाले इलाके में अवैध रूप से कॉलोनी का निर्माण किया जा रहा था। जिसपर जिला प्रशासन और प्राधिकरण की ओर से संयुक्त रूप से कार्रवाई की गई। करीब 120 बीघे की इस जमीन की अनुमानित कीमत 150 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।

दादरी उपजिलाधिकारी अनुज नेहरा ने बताया कि बुधवार को उनके नेतृत्व में तहसीलदार दादरी ओम प्रकाश राजस्व टीम, नोएडा प्राधिकरण व पुलिस विभाग की तरफ से ग्राम हैबतपुर तहसील दादरी के खसरा नंबर हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में हो रहे अवैध प्लॉटिंग व कॉलोनी को लेकर साझा कार्रवाई की गई।

3 अप्रैल की ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अवैध निर्माण के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की थी। अच्छेजा गांव के पास बिना अनुमति के बन रहे 60 से अधिक विला पर अथॉरिटी ने बुलडोजर चलाया था। खास तौर पर डूब क्षेत्रों में बन रहे अवैध इमारतों को लेकर प्रशासन सजग रहता है और कार्रवाई करता है। ऐसा डूब क्षेत्रों का संरक्षण भी प्रशासन की जिम्मेदारी होती है, इसलिए ये कार्रवाई हुई।

कॉलोनाइजर सरकारी जमीन पर कब्जा करके लोगों को सस्ते दामों में प्लॉट दे देते हैं और पैसा लेने के बाद फरार हो जाते हैं। पिछली बार जब ऐसा हुआ था तो जिला प्रशासन ने मुनादी कराकर वहां मौजूद लोगों को कॉलोनाइजरों के झांसे में न आने की अपील की थी। गौरतलब है कि ग्राम समाज की सरकारी जमीन और डूब क्षेत्रों में पक्का निर्माण नहीं किया जा सकता, इसलिए प्रशासन ने यह अपील की थी कि कोई भी व्यक्ति प्लॉट या मकान खरीदने से पहले एक बार जमीन की जांच करा लें।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!