Monsoon 2026: देश के कई राज्यों में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है, जिससे भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। हिमाचल प्रदेश में 28 से 31 जुलाई तक ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि उत्तर प्रदेश में भी अगले कुछ दिनों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। ओडिशा में कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से कई जिलों में हाई अलर्ट घोषित कर स्कूल बंद कर दिए गए हैं। वहीं असम में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 68 हो गई है और लाखों लोग अब भी प्रभावित हैं। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।
हिमाचल में 28 से 31 जुलाई के लिए जारी हुआ आरेंज अलर्ट
हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में सोमवार को हल्की से भारी बारिश हुई, वहीं मौसम विभाग ने 28 से 31 जुलाई के बीच राज्य के विभिन्न स्थानों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। शिमला मौसम केंद्र ने मंगलवार शाम तक मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में अचानक बाढ़ आने की चेतावनी दी है। बीते कुछ दिनों में हुई मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ के बाद राज्य में कुल 108 सड़कें बंद हो गई हैं। इसके अलावा कुल 38 पेयजल आपूर्ति योजनाएं और नौ बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, मंडी में लगभग 39, कुल्लू में 33, शिमला में 11, सिरमौर में नौ, चंबा में सात, कांगड़ा में पांच, लाहौल और स्पीति में तीन सड़कें बंद हैं। शिमला मौसम केंद्र ने सोमवार को 28 से 31 जुलाई तक चार से पांच जिलों के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया। यह अलर्ट 28 जुलाई को बिलासपुर और सिरमौर; 29 जुलाई को सिरमौर; 30 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर और 31 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा व शिमला जिलों के लिए जारी किया गया है। शिमला मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा के अनुसार, एक अगस्त तक राज्यभर में मानसून सक्रिय रहेगा और अधिकांश इलाकों में बारिश का दौर जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि 29 जुलाई देर रात से 31 जुलाई के बीच कई इलाकों में लगातार हल्की से मध्यम बारिश होने और कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों से नदियों और नदी-नालों के पास जाने से बचने और मौसम की चेतावनियों पर ध्यान देने की अपील की है।
यूपी में बढ़ेगी मानसून की सक्रियता
वहीं IMD ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश में अगले कुछ दिनों में मानसून की सक्रियता तेज होने की संभावना है, जिसमें कई जिलों में भारी बारिश, आंधी-तूफान एवं बिजली गिरने की संभावना है एवं अधिकतम तापमान में 4-6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (लखनऊ) के अनुसार आज पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकतर स्थानों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर गरज के साथ बारिश होने की संभावना है जबकि, मंगलवार और बुधवार को यह गतिविधि और अधिक व्यापक होने की उम्मीद है। उसने कहा कि मानसून की सक्रियता बढ़ने से अगले दो से तीन दिनों में उमस भरे मौसम से राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग ने 30 जुलाई तक राज्य में अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने के साथ आंधी-तूफान चलने की चेतावनी दी है। सोमवार को कई जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है तथा मंगलवार और बुधवार को राज्य के कुछ हिस्सों में ऐसा ही रह सकता है। सोमवार को प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्ज़ापुर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराईच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, बाराबांकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं समेत कई जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। मंगलवार को सोनभद्र, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, मिर्ज़ापुर, चंदौली, लखीमपुर खीरी, शामली, मेरठ, अमरोहा, पीलीभीत, शाहजहाँपुर, संभल, बदांयू, हमीरपुर, महोबा और झांसी समेत कई जिलों में भारी बारिश की भी संभावना है। मौसम कार्यालय ने संवेदनशील क्षेत्रों में बिजली गिरने, तूफान और भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। तीव्र बारिश वाले स्थानों पर स्थानीय जल-जमाव और सामान्य जीवन में व्यवधान उत्पन्न हो सकता है।
ओडिशा में हाई अलर्ट
बंगाल की खाड़ी पर बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) के कारण ओडिशा के कई हिस्सों में सोमवार को भारी बारिश हुई। अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण चार जिलों में स्कूल बंद रहे, कुछ समय के लिए ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं और सरकार ने जिला प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा है। अधिकारियों ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किए जाने के बाद एहतियात के तौर पर जगतसिंहपुर, सोनपुर, मयूरभंज और केंद्रपाड़ा जिलों के स्कूल बंद कर दिए गए। स्थिति की समीक्षा के लिए हुई उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करने वाले राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। पुजारी ने कहा, "आज (सोमवार) शाम से अगले 24 घंटों के दौरान सामान्य से लेकर भारी और कहीं-कहीं अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद बारिश की तीव्रता कम होने की उम्मीद है। स्थिति से निपटने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं।" उन्होंने बताया कि महानदी समेत सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है और मयूरभंज, क्योंझर तथा बालासोर जिलों में फिलहाल बाढ़ का कोई तत्काल खतरा नहीं है। मंत्री ने कहा, "जमीनी स्तर के अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और जलभराव की स्थिति में निचले इलाकों से पानी निकालने के लिए पंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं।" अधिकारियों ने बताया कि भारी बारिश के कारण रायगढ़ जिले में टीकिरी और राउली स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक पर पानी भर गया, जिससे रायगढ़-कोरापुट रेल मार्ग पर ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
असम में मृतकों की संख्या बढ़कर हुई 68
असम में इस साल आई बाढ़ से दो और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 68 हो गई है। बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है, फिर भी राज्य के पांच जिलों में 5.24 लाख से अधिक लोग अब भी प्रभावित हैं। अधिकारियों ने बताया कि रविवार को चराइदेव जिले में दो लोगों की मौत हुई। यह जिला अब भी सबसे अधिक प्रभावित है, जहां करीब 1.90 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। प्रभावित अन्य जिलों में गोलाघाट, जोरहाट, नगांव और शिवसागर शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि चार जिलों में कुल 354 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां 37,724 विस्थापित लोगों को आश्रय और सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF), अग्निशमन एवं आपात सेवा तथा पुलिस सहित कई एजेंसियां बचाव और राहत कार्य में जुटी हुई हैं। राज्य के विभिन्न जिलों में तटबंधों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से बिजली आपूर्ति बहाल करने का काम जारी है। उन्होंने रविवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, "असम में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम हो रहा है और प्रभावित जिलों में बिजली बहाली का काम लगातार जारी है।" मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के दौरान एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद किए जाने के बाद बिजली विभाग की टीमें शिवसागर, जोरहाट, चराइदेव, धुबरी, बोंगाईगांव और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा जांच पूरी करते हुए चरणबद्ध तरीके से बिजली आपूर्ति बहाल कर रही हैं। उन्होंने कहा, "हम आवश्यक सेवाओं को जल्द से जल्द बहाल करने और प्रत्येक प्रभावित समुदाय के जीवन को सामान्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ के बाद पुनर्वास कार्य तेजी से शुरू किया जाएगा तथा स्कूलों और क्षतिग्रस्त हुए सभी बुनियादी ढांचे की समयबद्ध तरीके से मरम्मत और पुनर्बहाली सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में चावल सहित खाद्यान्न की बोरियां लगातार भेजी जा रही हैं, चिकित्सकों की टीम लोगों को चिकित्सा सहायता दे रही है और जहां जरूरत है वहां आवश्यक सामग्री हवाई मार्ग से पहुंचाई जा रही है।
