ग्रेटर नोएडा

Greater Noida: 45 मिनट तक सोसाइटी की लिफ्ट में फंसा रहा बच्चा, ईयर फोन लगा कर बैठा रहा गार्ड

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  • Updated Oct 6, 2022, 01:24 PM IST

Greater Noida: ग्रेटर नोएडा की ग्रेनो वेस्ट की पैरामाउंट इमोशंस सोसाइटी के एक टावर की लिफ्ट में मंगलवार रात 11 साल का एक बच्चा करीब 45 मिनट तक फंसा रहा। इस दौरान गार्ड की लापरवाही भी नजर आई।

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लिफ्ट में 45 मिनट तक फंसा रहा युवक

Photo : iStock

Greater Noida News: ग्रेनो वेस्ट की पैरामाउंट इमोशंस सोसाइटी के टावर एस की लिफ्ट (Lift) में मंगलवार की रात 11 साल का एक बच्चा करीब 45 मिनट तक फंसा रहा। बच्चा अपने दोस्त के साथ फ्लैट (Flat) से नीचे जा रहा था तभी अचानक लिफ्ट बंद हो गई। काफी देर तक बच्चे की तलाश करने के बाद परिजनों का ध्यान लिफ्ट पर गया, तो बच्चा अंदर मिला। उसे बाहर निकाला गया। इस बात को लेकर देर रात सोसाइटी में काफी हंगामा हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस (Noida Police) ने लोगों को शांत कराया। लिफ्ट की सीसीटीवी फुटेज (CCTV) गार्ड रूम में दिखाई देती है और अलार्म भी बजता है, लेकिन गार्ड रूम में बैठा गार्ड कानों में ईयर फोन लगाकर बैठा हुआ था इसलिए उसने ना अलार्म सुना और ना ही सीसीटीवी फुटेज देखी।

45 मिनट तक फंसा रहा बच्चा

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक अजय अपने परिवार के साथ सोसाइटी के टावर यू की छठी मंजिल पर रहते हैं। मंगलवार की रात उनका 11 साल का बेटा अपने दोस्त के पास गया था। जो की उसी टावर के 16वें फ्लोर पर रहता है। अजय ने जब बेटे के दोस्त के घर पर फोन किया तो पता चला की वो 5 मिनट में आ जायेगा। काफी समय बीतने के बाद अजय ने बेटे की तलाश शुरू की। पूरी सोसाइटी में बच्चे की खोज की गई लेकिन वो नहीं मिला। फिर सबका ध्यान लिफ्ट पर गया तो 15 और 16 मंजिल के बीच अटकी हुई थी। इसके बाद सोसायटी के मेंटेनेंस टीम को बुलाया गया और करीब 45 मिनट के बाद बच्चे को लिफ्ट से बाहर निकाला गया।

गार्ड को अलार्म तक नहीं सुनाई दिया

जानकारी के मुताबिक लिफ्ट में लगे कैमरे की सीसीटीवी फुटेज गार्ड रूम में चलती रहती है और साथ ही अलार्म भी बजता है, लेकिन गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी कानों में ईयर फोन लगाकर बैठा हुआ था इस कारण उसने अलार्म की आवाज नहीं सुनी और ना ही सीसीटीवी फुटेज देखी। इस बात को लेकर सुरक्षाकर्मी और सोसाइटी के लोगों के बीच काफी बहस हुई जिसके बाद पुलिस को बुलाया गया। पुलिस ने पहुंचकर मामला शांत किया।

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