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Gorakhpur News: UP में यहां बनेगी नई रेलवे लाइन, 111 गांवों के किसानों की चमक जाएगी किस्मत

सहजनवां-दोहरीघाट रेलवे लाइन के ग्यारह किलोमीटर भाग के लिए सूचना जारी की गई है। इसके निर्माण के लिए 111 गांवों में किसानों की जमीन का 90 फीसदी अधिग्रहण पूरा किया जाना है।

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सहजनवां-दोहरीघाट रेलवे लाइन

Photo : BCCL

गोरखपुर: गोरखपुर और मऊ के बीच रेलवे लाइन का कार्य होना प्रस्तावित है। अब सहजनवां-दोहरीघाट रेलवे लाइन के ग्यारह किलोमीटर भाग के लिए अधिसूचना जारी की गई है। सहजनवां तहसील के गांवों में किसानों की जमीन का 90 फीसदी अधिग्रहण पूरा होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। सहजनवां-दोहरीघाट रेलवे लाइन लगभग 81 किलोमीटर लंबी होगी। यह दो जिलों गोरखपुर और मऊ में 111 गांवों से गुजरेगी। यह काम तीन चरणों में पूरा कराया जाएगा।

जमीन खरीदी के लिए नोटिफिकेशन

बताया जा रहा है कि पहले चरण में, सहजनवां से बैदौली तक 27 किलोमीटर की रेलवे लाइन बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जो 2024 तक पूरी हो जाएगी। वहीं, मार्च 2025 तक बैदौली से गोला बाजार तक 29 किलोमीटर की दूसरी रेलवे लाइन बनाई जाएगी। सहजनवां तहसील के गांवों के किसानों से जमीन लेने के लिए रेलवे ने नोटिफिकेशन भेजा है।

वाराणसी से जुड़ेगा यह रूट

मीडिया में छपी खबरों के अनुसार, सहजनवां से दोहरीघाट के बीच बनने वाली रेलवे लाइन पर लगभग 1320 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस रेलवे लाइन से वाराणसी सीधे जुड़ जाएगा। इसमें सरयू नदी पर 1100 मीटर लंबा एक पुल का भी निर्माण कराया जाएगा। इस परियोजना में 10 बड़े पुल, 47 छोटे पुल और 15 अंडरपास शामिल होंगे। दो रेलवे ओवरब्रिज भी बनेंगे। इस रेलवे लाइन पर सहजनवां, पिपरौली, खजनी, उनवल, बैदौली बाबू, बांसगांव, उरुवा बाजार, बनवारपार, गोला बाजार, भरौती, बड़हलगंज और दोहरीघाट स्टेशन हैं। नई लाइन के उद्घाटन के बाद गोरखपुर से सहजनवां-दोहरीघाट के माध्यम से भी ट्रेनें वाराणसी तक चलेगी। इस लाइन के बनने से इन जिलों के यात्रियों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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