Gorakhpur News: लंबे समय से चल रहे गैंगरेप के केस पर गोरखपुर के फास्ट ट्रैक कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। लंबे समय के बाद गोरखपुर गैंगरेप पीड़िता को न्याय मिला। गैंगरेप के मामले में फैसला सुनाते हुए गोरखपुर फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषियों को 30 साल की कैद की कठोर सजा सुनाई। गोरखपुर गैंगरेप की ये घटना सितंबर 2022 की है, जिसका फैसला 16 महीने बाद फरवरी 2024 में आया है। लंबे समय के इंतजार के बाद मिले न्याय को पीड़िता ने महिलाओं के लिए मिसाल बताया है।
कोर्ट ने दोषियों को 30 साल और 50 हजार रुपये की सजा(UP court sentences three youths to 30 years in jail)
सितंबर 2022 में गोरखपुर में हुए गैंगरेप के मामले में शहर के फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज मनोज कुमार ने तीनों आरोपियों को 30 साल की कारावास की सजा के साथ 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। देर से ही सही गैंगरेप पीड़िता को न्याय मिला है। न्याय मिलने के बाद पीड़िता ने इसके अत्याचार के खिलाफ लड़ी गई इस लड़ाई को देश की महिलाओं के लिए एक मिसाल बताया।
16 महीने बाद आया फैसला
गैंगरेप की ये घटना गोरखपुर के रेलवे धर्मशाला ओवरब्रिज के पास ही है। घटना 7 सितंबर 2022 को हुई थी। पति के साथ हुए विवाद के बाद ये महिला गोरखपुर आई और रहने के लिए जगह की तलाश करने लगी। कोई स्थान न मिलने पर उनसे धर्मशाला ओवरब्रिज के पास रेलवे आउटर के किनारे रहना शुरू किया। इस स्थिति का फायदा उठाते हुए आरोपी राजा अंसारी, संतोष चौहान और अंकित पासवान ने मिलकर पीड़िता के साथ गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया। विरोध पर महिला की जमकर पिटाई भी की गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी फरार होगए। खुद को संभालते हुए महिला जीआरपी थाने में पहुंची और गैंगरेप की घटना का खुलासा किया। पुलिस में मुकदमा दर्ज कराया। 16 महीने अकेले लड़ाई लड़ने के बाद पीड़िता को न्याय मिला है। गोरखपुर के फास्ट ट्रैक कोर्ट ने तीनों आरोपी को दोषी पाया और कठोर सजा सुनाई(UP court sentences three youths)।
