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Good News: Aqua Line मेट्रो के 11.56 KM लाइन विस्तार को UP कैबिनेट ने दी मंजूरी

नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के लोगों के लिए खुुशखबरी है। खुशखबरी ये कि एक्वा लाइन मेट्रो के 11.56 किमी लाइन विस्तार को यूपी कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। इससे यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में आसानी होगी। चलिए जानते हैं कहां बनेगी यह नई लाइन और किन इलाकों को होगा फायदा -

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नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो

Photo : PTI

दिल्ली-नोएडा जैसे बड़े शहरों के लिए मेट्रो किसी लाइफलाइन से कम नहीं है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा के बीच चलने वाली एक्वा लाइन मेट्रो (Aqua Line Metro) की 11.56 किलोमीटर लाइन के विस्तार के प्रस्ताव को उत्तर प्रदेश की कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। एक्वा लाइन के इस विस्तार से दिल्ली और नोएडा के लाखों लोगों को फायदा होगा। इस लाइन विस्तार के बाद लोगों के लिए ग्रेटर नोएडा से दिल्ली और दिल्ली से ग्रेटर नोएडा पहुंचना आसान हो जाएगा। चलिए जानते हैं इस संबंध में सब कुछ-

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने एक्वालाइन मेट्रो के जिस विस्तार को मंजूरी दी है, वह नोएडा सेक्टर 142 को सीधे बोटैनिकल गार्डन से जोड़ेगा। करीब 11 किमी लंबा यह नया रूट जब बन जाएगा तो लोगों को ग्रेटर नोएडा पहुंचने में आसानी होगी।

एक्वा लाइन मेट्रो का यह नया रूट नोएडा सेक्टर 142 से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के साथ-साथ कि दिल्ली की ओर बढ़ेगा और सेक्टर 18 के पास बोटैनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से जुड़ेगा। इस लाइन के जुड़ जाने से यात्रियों को ब्लू लाइन मेट्रो और मजेंटा लाइन मेट्रो तक सीधे एक्सेस मिल जाएगा।

इस कैबिनेट बैठक में कुल 44 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिसमें से 43 को पास कर दिया गया। इन्हीं 43 प्रस्तावों में एक्वा लाइन मेट्रो के विस्तार का प्रस्ताव भी था।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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