अब दिल्ली, गाजियाबाद और नोएडा में रहने वाले लोगों के लिए आवास का सपना सच हो सकता है। वसुंधरा सेक्टर 7 से 8 में सालों से आवास एंव विकास परिषद की तकरीबन 80 एकड़ जमीन खाली पड़ी थी। हालांकि, इसे नए सिरे से बसाने के लिए पहले लखनऊ में हुई बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास हुआ था। वहीं सेक्टर 7 में ही एम्स का सैटेलाइट सेंटर बनाने का फैसला कुछ दिनों पहले हुआ था।
बुधवार को लखनऊ में अधीक्षण अभियंता अजय कुमार मित्तल ने एक लेआउट पेश किया, जिसे आवास आयु्क्त ने मंजूरी दे दी है। परिषद के नियम मुताबिक टीओडी जोन में 30 एकड़ के ग्रुप हाउसिंग भूभागों पर लगभग 25 हजार लोग रह सकते हैं। आधिकारियों के अनुसार करीब पांच हजार आवासों को तैयार किया जाएगा। साथ ही इन भूभागों की नीलामी की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी।
स्कूल, अस्पताल और कॉमर्शियल कांप्लेक्स भी बनेंगे
अधीक्षण अभियंता अजय कुमार मित्तल के मुताबिक बड़े ग्रुप हाउसिंग भूभागों की व्यवस्था इस नाते की गई है ताकि सुनियोजित आवासीय योजना बनाई जा सके। हर भूभाग के अंतर्गत आवास के साथ स्कूल, अस्पताल और कॉमर्शियल कांप्लेक्स का भी प्रावधान भी होगा। इससे यहां आवास खरीदने वाले लोगों को हर तरह की सुविधाएं भी मिल सकेंगी। आवास एंव विकास परिषद को इन भूभागों से करीब 1800 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त होगा।
