Rapid Rail Project:देश की पहली RTS यानी रैपिड रेल का पहला स्लो स्पीड ट्ऱॉयल रन दुहाई डिपो से गाजियाबाद स्टेशन तक किया गया। ट्रॉयल रन की शुरूआत से साफ है कि एनसीआर के लोगों का रैपिड रेल में सफर होने का इंतजार अब खत्म होने वाला है। प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली से मेरठ तक पहली रैपिड रेल चलाई जाएगी। अभी तक ट्रैक बिछाने का काम पूरा कर लिया गया है। इसके OHE इन्सटॉलेशन का काम भी 75 फीसदी पूरा हो चुका है। ऐसे में संभावना है पहली ट्रेन मार्च 2023 से ट्रैक पर दौड़ने लगेगी। सबसे पहले साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो स्टेशन पर संचालन होगा। जो कि कुल 17 किलोमीटर का ट्रैक है। जबकि सराय काले खां से लेकर मेरठ तक के 82 किलो मीटर लंबे पूरे प्रोजेक्ट को 2025 तक पूरा होने की संभावना है।
60 मिनट में पूरी होगी दिल्ली से मेरठ की दूरी
करीब 30 हजार करोड़ रुपये के रैपिड रेल प्रोजेक्ट के जरिए दिल्ली, एनसीआर के लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है। इसके तहत दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ तक की दूरी एक घंटे में पूरी हो जाएगी। ट्रेन 180 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल सकेगी। और इसके जरिए हर रोज करीब 8 लाख यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। ऐसी उम्मीद है कि इस साल 17 किलोमीटर तक रैपिड रेल शुरू कर दी जाएगी। जिसमें साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधरऔर दुहाई के बीच रैपिड रेल का संचालन होगा।
कुल 24 स्टेशन
रैपिड रेड रेल के रूट पर सराय कालेखां, न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई, मुरादनगनर, मोदीनगर साउथ, मोदीनगर नार्थ ,मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दीनगर, बृहमपुरी, मेरठ सेंट्रल, भैंसाली, बेगमुपल, एमईएस कालोनी, डौरली, मेरठ नार्थ और मोदीपुरम स्टेशन होंगे।
- रैपिड रेल की अधिकतम स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटे होगी। और उसकी औसत रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे होगी।
- सभी ट्रेन में 6 कोच होंगे, इनमें से एक कोच महिलाओं के लिए आरक्षित होगा।
- एक बिजनेस क्लास कोच भी होगा, जिसमें खाने-पीने का सामान भी मिलेगा। इसमें दायें-बायें दो-दो सीट बैठने के लिए होंगी।
- मोबाइल चार्जिंग और वाई-फाई की सुविधा मिलेगी।
- आपातकालीन स्थिति में ट्रेन के अंदर स्ट्रेचर पर मरीज को ले जा सकेंगे।
- ट्रेन 5 से 10 मिनट के अंतराल पर मिलेगी।
