गाजियाबाद

Greater Ghaziabad News: नए शहर में होंगे 175 वार्ड, इन क्षेत्रों के गांवों की खुलेगी किस्मत

एनसीआर में एक और शहर ग्रेटर गाजियाबाद बनने जा रहा है, जिसमें मुरादनगर क्षेत्र के 20 गांव भी शामिल होंगे। ग्रेटर गाजियाबाद के गठन के बाद इसकी व्यवस्था कमिश्नरेट की तरह होगी, इसकी कमान सचिव स्तर के अधिकारी के पास होगी और इस नए शहर में 175 वार्ड बनाने की भी तैयारी है।

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ग्रेटर गाजियाबाद में बनेंगे 175 वार्ड (Photo - AI)

दिल्ली-NCR में एक और नया शहर बनने जा रहा है। इस नए शहर की नींव गाजियाबाद जिले में पड़ रही है और इसका नाम ग्रेटर गाजियाबाद होगा। उत्तर प्रदेश में शहरी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए सरकार ने मुरादनगर क्षेत्र के 20 गांवों को मिलाकर इस ग्रेटर गाजियाबाद को बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नई रिपोर्ट के अनुसार, इस नए शहर में करीब 175 वार्ड होंगे और इसकी कमान सचिव स्तर के अधिकारी के हाथ में होगी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद जिला प्रशासन और संबंधित विभागों ने खोड़ा, लोनी, डासना और मुरादनगर के गांवों को मिलाकर इस नए शहर की रूपरेखा तैयार करनी शुरू कर दी है। शुरुआत में सिर्फ 13 गांवों को जोड़े जाने की योजना थी, लेकिन नक्शों के अध्ययन के बाद यह संख्या 20 तक पहुंच गई है।

इसके पहले चरण में सभी नगर पालिका और पंचायत क्षेत्रों के नक्शे निकाले गए और उन्हें नगर निगम की सीमाओं से जोड़ा गया। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ग्रेटर गाजियाबाद की संरचना कमिश्नरेट प्रणाली की तर्ज पर हो, जहां नगरायुक्त सचिव स्तर का अधिकारी होगा। यहां के विभिन्न जोनल प्रभारी भी IAS अधिकारी ही होंगे। ग्रेटर गाजियाबाद शहर को तीन भागों में विभाजित करने और हर जोन में अलग-अलग सेक्टर बनाने की योजना है।

अधिकारियों ने बताया कि जीडीए पहले ही गाजियाबाद, लोनी, मुरादनगर और मोदी नगर को 2031 के मास्टर प्लान में शामिल कर चुका है। इसलिए नए ग्रेटर गाजियाबाद की योजना उसी आधार पर बनाई जा रही है। सीमा निर्धारण सड़क मार्गों के आधार पर किया जाएगा, जिससे नियोजन में सुगमता बनी रहे। ग्रेटर गाजियाबाद के बनने से न सिर्फ नए आवासीय इलाके विकसित होंगे, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र भी बनेंगे और लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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